शिमला। हिमाचल को नशे में उड़ता बनाने से रोकने की दिशा में सरकार की कोशिशों के रास्ते में जिले के एसपी की ढिलाई बाधक बन रही है। उन्हें 15 मार्च तक पंचायत स्तर पर नशे के सौदागरों और नशेड़ियों की लिस्ट बनाकर देनी थी, लेकिन अब 15 दिन की देरी पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सख्त ऐतराज जताते हुए सभी को डांट पिलाई है। अब सभी जिलों के एसपी को 20 अप्रैल तक लिस्ट भेजने को कहा गया है।
समीक्षा बैठक में गुस्साए सीएम
शिमला में एक हाईलेवल की समीक्षा बैठक में सीएम ने पाया कि अभी तक किसी भी जिले ने पंचायत स्तर पर डंग नेटवर्क की मैपिंग का काम नहीं किया है। सीएम ने इस सुस्ती पर सभी एसपी को जमकर डांटा।
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आपको बता दें कि सीएम सुक्खू ने हाल की दिल्ली यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशा तस्करी, खासकर पंजाब के रास्त आ रहे नशे पर चिंता जताते हुए इसकी रोकथाम में मदद मांगी थी।
गलत रिपोर्ट पर सख्त एक्शन
लेकिन ऐसा लगता है कि जिलों के एसपी राज्य में नशे को रोकने की दिशा में गंभीर नहीं हैं। इसी को देखते हुए सीएम ने बैठक में साफ कर दिया कि सरकार ऐसी किसी लापरवाही को आगे बर्दाश्त नहीं करेगी और गलत रिपोर्ट देने वाले एसपी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर वे खुद जमीनी हकीकत की जांच करेंगे। सीएम ने कहा कि राज्य में नशा माफिया की 259 संपत्तियों की पहचान की गई है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
काम में देरी बर्दाश्त नहीं
समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि अफसरों को काम में देरी की आदत को बदलना होगा। सरकार देरी बर्दाश्त नहीं करेगी। ब्लॉक लेवल के अफसर सरकारी स्कूलों को गोद लें और स्टूडेंट्स को नशे के खतरों के बारे में आगाह करें।
