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March 30, 2025

हिमाचल: 5वीं, 8वीं के इन बच्चों को देना होगा स्पेशल एग्जाम, वरना अगली क्लास में नहीं मिलेगा दाखिला

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने बच्चों की सूची मांगी

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में 16 साल बाद 5वीं और 8वीं कक्षा में ई ग्रेड हासिल करने वाले बच्चों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। यह व्यवस्था इंग्लिश, मैथ्स और साइंस सब्जेक्ट के स्टूडेंट्स के लिए ही लागू होगी। शनिवार को दोनों कक्षाओं के रिजल्ट जारी करने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने ई ग्रेड पाने वाले बच्चों की लिस्ट मांगी है।

अब ई ग्रेड पाने वाले बच्चों को दो माह बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी, तभी उन्हें आने वाली कक्षाओं में दाखिला मिल पाएगा। इससे पहले 2009 में डिटेंशन पॉलिसी के तहत ई-ग्रेड वाले स्टूडेंड्स को बिना दोबारा परीक्षा दिए आगे की कक्षाओं में दाखिला मिल जाता था।

इसलिए हुआ फैसला

इसका सबसे बुरा असर बच्चे के 9वीं कक्षा में प्रवेश के दौरान पड़ता था। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत फेल होने के बाद भी आठवीं से नौंवी में पहुंचे ये बच्चे फेल हो जाते थे। इससे शिक्षा का स्तर गिरता था।

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लड़कियों के मामले में तो अक्सर मां-बाप अपनी बेटी के फेल होने पर उसे पढ़ाई छुड़वा देते थे। यह स्कूल ड्रॉप आउट की संख्या को भी बढ़ाने वाला साबित हो रहा था।

स्पेशल क्लासेस लगेंगी

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने इस गैप को भरने के लिए ही नई व्यवस्था लागू की है। पांचवीं और आठवीं में फेल बच्चों के लिए सरकार स्पेशल क्लासेस लगाएगी और फिर दो माह बाद इन बच्चों की विशेष परीक्षाएं होंगी। इस परीक्षा में पास होने वाले स्टूडेंट्स को ही अगली कक्षा में दाखिला मिल पाएगा और उनका ग्रेड सुधरेगा।

5 अप्रैल तक देनी होगी सूची

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों से 5वीं और 8वीं के उन बच्चों की सूची 5 अप्रैल तक मांगी है, जिन्होंने इन कक्षाओं की मुख्य परीक्षा में ई-ग्रेड हासिल किए हैं। यह सूची ब्लॉक स्तर पर तैयार होगी और जिला उपनिदेशकों की बैठक में सूची पर चर्चा की जाएगी।

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अगर बच्चे इस विशेष परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं तो उन्हें अगली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जाएगा।

इस तरह होती है ग्रेडिंग

मुख्य परीक्षा में 80 से 100 नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स को ए ग्रेड मिलता है। 65 से 79 मार्क्स लाने वाले को बी, 50 से 64 अंक लाने वाले को सी, 35 से 49 अंक वाले को डी और 1 से 34 अंक लाने वाले बच्चे को ई ग्रेड मिलता है।

असर की रिपोर्ट में हिमाचल

असर (ASER - Annual Status of Education Report) 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी कक्षा के बच्चों में घटाव करने की दक्षता 2022 में 31% थी, जो 2024 में बढ़कर 46.7% हो गई, यानी 15.4% की वृद्धि। पांचवीं कक्षा के बच्चों में भाग करने की क्षमता 2022 में 38.1% से बढ़कर 2024 में 44% हो गई, जिसमें 5.9% का सुधार दर्ज किया गया।

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