शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए नए स्टेट एंट्री टैक्स के खिलाफ पड़ोसी राज्यों के लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने सरकार के इस फैसले पर गहरा रोष जताया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारी नाराज़गी के चलते प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मार्गों पर ढाई घंटे तक जाम लगा कर यातायात बाधित कर दिया, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी हुई और आने-जाने में दिक्कत आई।

स्टेट एंट्री टैक्स से पंजाब में बढ़ी नाराजगी

बता दें कि पंजाब में लोग हिमाचल सरकार के नए स्टेट एंट्री टैक्स से काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि यह टैक्स सिर्फ लोगों और व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है। बीते कल रविवार को भारी बारिश के बावजूद कई संगठन के लोग सड़क पर उतर आए और भरतगढ़-नालागढ़ को जोड़ने वाले दो मुख्य रास्ते, पंजेहरा रोड और दभोटा रोड को ढाई घंटे तक जाम कर दिया।

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सख्त चेतावनी और ब्लॉक की दी धमकी 

प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि अगर 31 मार्च आधी रात के बाद भी टैक्स नहीं हटाया गया, तो पंजाब और हिमाचल के सभी एंट्री पॉइंट्स को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कीरतपुर साहिब-मनाली हाईवे, घनौली-भरतगढ़ मार्ग समेत कई और रास्तों को भी ब्लॉक करने की धमकी दी। 

नेताओं का तीखा विरोध, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

इस प्रदर्शन में कई बड़े नेता शामिल थे,  लोग बारिश के बावजूद सड़क पर खड़े रहे और जोर-जोर से नारेबाजी करते रहे। उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पंचायत मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ अपना गुस्सा जताया और कहा कि अगर सरकार ने टैक्स कम नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नेताओं ने साफ कहा कि अब किसी समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है और यह आंदोलन लंबा चल सकता है।

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ढाई घंटे बाद मांग पत्र किया स्वीकार 

करीब ढाई घंटे बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से मिलकर उनका मांग पत्र स्वीकार किया और भरोसा दिया कि उनकी मांगें उच्च स्तर तक पहुंचाई जाएंगी। जाम तो खुल गया, लेकिन ट्रैफिक पूरी तरह सामान्य होने में करीब चार घंटे का समय लगा। इस दौरान स्थानीय लोग भी सहयोग करते रहे और सड़क पर व्यवस्था को शांतिपूर्ण ढंग से बनाए रखा।

1 अप्रैल को आगे के आंदोलन की योजना 

इस आंदोलन में पठानकोट टैक्सी यूनियन ने भी भाग लिया और उन्होंने एलान किया कि 1 अप्रैल को पठानकोट-डलहौजी और चंबा-धर्मशाला रूट को भी पूरी तरह बंद किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

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