मंडी। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार का खाली खजाना अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने लगा है। कांग्रेस सरकार ने पिछले दो माह से ट्रेजरी को बंद कर रखा है। जिससे प्रदेश भर के सरकारी ठेकेदारों की पेमेंट नहीं हो रही है। अब इन ठेकेदारों के सब्र का बांध भी टूटने लगा है। इन ठेकेदारों ने अब सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दे दी है।
ठेकेदारों के 600 करोड़ के बिल पेंडिंग
दरअसल हिमाचल के सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों की लगभग 600 करोड़ की देनदारियां सरकार ने रोक दी हैं। ठेकेदारों के इन 600 करोड़ का भुगतान ट्रेजरी में अटका हुआ है। जिससे ठेकेदार ना तो अपनी लेवर को दिहाड़ी दे पा रहे हैं, और ना ही अपने इंजीनियर सहित अन्य मुलाजिमों केा वेतन दे पा रहे हैं। अब इन ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है।
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मंडी में की ठेकेदारों ने बैठक
मंडी जिला में सरकारी ठेकेदार कल्याण परिषद मंडी जोन ने एक बैठक कर आगमी रणनीति तय कर ली है। इन ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है कि सरकार बजट सत्र से पहले ठेकेदारों का लंबित भुगतान कर दें। नहीं तो ठेकेदारों का वित्तिय चरित्र खराब होने के साथ सरकार के जीएसटी राजस्व का भी हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा और सरकार की विकास की जो गति है उसके पहिये भी थम जाएंगे।
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क्या बोले परिषद के अध्यक्ष
परिषद के अध्यक्ष केशव नायक के अनुसार ट्रेजरी में 600 करोड़ के अलावा विभिन्न विभागों में 2100 करोड़ रुपए से अधिक के बिल लंबित हैं। भुगतान न होने से ठेकेदारों पर जीएसटी का करीब 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ट्रेजरी को बंद किया गया है, जिससे सरकारी विभागों की कार्य व्यवस्था चरमरा गई है।
पांच लाख लोगों की नौकरी पर छाया संकट
ठेकेदारों का कहना है कि वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ साथ प्रत्यक्ष रूप से करीब पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी मुहैया करवा रहे हैं। लेकिन अब उनके बिलों का लंबे समय से भुगतान नहीं हो रहा है। जिससे ठेकेदारों के साथ साथ उन पांच लाख लोगों के रोजगार के साथ साथ रोजी रोटी पर संकट आ गया है, जो उनके साथ जुड़े हुए हैं। लंबे समय से भुगतान न मिलने के कारण वे बैंक ऋण और बाजार की उधारी नहीं चुका पा रहे हैं। कुछ ठेकेदारों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें अपनी संपत्ति बेचने की नौबत आ गई है।
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विपक्ष के हमलों के बाद जारी किए थे 80 करोड़
बता दंे कि हिमाचल सुक्खू सरकार द्वारा ट्रेजरी को बंद करने के मुद्दे पर विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने भी सरकार पर हमला बोला था। लगातार विपक्ष की उठती आवाज को देखते हुए सुक्खू सरकार और विक्रमादित्य सिंह ने अपना बयान जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे इल्जाम झूठे हैं। कांग्रेस सरकार ने ठेकेदारों के 80 करोड़ रुपए जारी करने के वित विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि ठेकेदारों की 600 करोड़ की देनदारी के मुकाबले में मात्र 80 करोड़ रुपए ऊंट के मुंह में जीरे के समान होगी।
