शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ रही है। यूनियन का कहना है कि सरकार की ओर से आश्वासन और घोषणा के बावजूद बोर्ड कर्मचारियों के लिए अब तक औपचारिक आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। सितंबर की शुरुआत में भी बिजली बोर्ड के कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों ने शिमला में OPS समेत लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।
घोषणा के बावजूद अधर में OPS का मामला
बिजली बोर्ड कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करना है। यूनियन नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिजली बोर्ड कर्मचारियों को OPS के दायरे में लाने को लेकर पहले आश्वासन दिया था। अक्टूबर 2025 में बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के सम्मेलन में भी मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विचार करने की बात कही थी।
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हालांकि, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि घोषणा और आश्वासन के बाद भी अंतिम अधिसूचना या स्पष्ट आदेश सामने नहीं आया है। इसी देरी को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। 2 सितंबर को शिमला में बिजली बोर्ड कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों ने OPS की मांग को लेकर रैली की थी। संयुक्त कार्रवाई समिति ने सरकार से वर्ष 2026 के भीतर इस मामले में निर्णय लेने की मांग की थी।
यूनियन ने शुरू की संगठन को मजबूत करने की तैयारी
संगठन ने यह भी कहा था कि लंबे समय से लंबित रहने के कारण कर्मचारियों के बीच भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रैली के बाद यूनियन के मुताबिक प्रबंधन की ओर से OPS से संबंधित प्रक्रिया में कुछ हलचल जरूर हुई, लेकिन कर्मचारियों को जिस औपचारिक आदेश का इंतजार है, वह अभी जारी नहीं हुआ है। OPS के मुद्दे को लेकर HPSEB एम्प्लॉयज यूनियन ने अब संगठनात्मक स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ाने का फैसला किया है।
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यूनियन पदाधिकारियों की बैठक में फील्ड यूनिटों को सक्रिय करने, जोनल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और लंबित यूनिट चुनावों को अगले कुछ महीनों में पूरा कराने की रणनीति पर चर्चा हुई। यूनियन का मानना है कि किसी बड़े आंदोलन या संगठनात्मक फैसले से पहले फील्ड स्तर पर कर्मचारियों को एकजुट करना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी अलग-अलग जोन की बैठकों में शामिल होंगे।
करीब 9 हजार कर्मचारियों की मांग का मुद्दा
यूनियन के अनुसार बिजली बोर्ड में करीब 9 हजार कर्मचारी OPS बहाली के इंतजार में हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिस तरह राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS लागू की गई, उसी तर्ज पर बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए भी औपचारिक आदेश जारी किए जाएं।
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वहीं, हालिया प्रदर्शनों में बिजली बोर्ड में खाली पदों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। संयुक्त कार्रवाई समिति ने करीब 11,500 से 11,600 पद खाली होने का दावा किया है।
अब सिर्फ इंतजार नहीं करेगा संगठन
HPSEB एम्प्लॉयज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज और महासचिव प्रशांत शर्मा ने कहा है कि संगठन कर्मचारियों की मांग को लेकर आगे भी दबाव बनाए रखेगा। यूनियन का कहना है कि यदि जल्द OPS बहाली के आदेश जारी नहीं हुए तो ट्रेड यूनियन के स्तर पर उपलब्ध विकल्पों के तहत आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल बिजली बोर्ड कर्मचारियों की नजर सरकार और बोर्ड प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर है।
