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September 20, 2026

हिमाचल में गजब की ठगी : रोज आरती और खाटू श्याम के दर्शन करवा- लगाया 4 करोड़ का चूना

क्रिप्टो ट्रांजेक्शन की कड़ियों को खंगालेगी टीम

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मंडी। कुछ ही दिनों में पैसा दोगुना करने का सपना दिखाकर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाने का मामला अब एक-एक कर कई चौंकाने वाली परतें खोल रहा है। हिमाचल प्रदेश में जिस तरह निवेशकों को भरोसे में लिया गया, उसके बारे में शिकायतकर्ताओं ने कई ऐसे दावे किए हैं, जिनसे पता चलता है कि सिर्फ ज्यादा रिटर्न का लालच ही नहीं, बल्कि पूरा माहौल तैयार कर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की गई।

4 करोड़ की ठगी ने मचाई हलचल

जिला मंडी के कमांद में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर कथित ठगी के मामले में आरोपी गौरव अनिल धोते पर 20 से 22 लोगों से करीब चार करोड़ रुपये लेने का आरोप पहले सामने आया था। बाद की पुलिस जांच और सामने आए अन्य मामलों में कथित रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश की जा रही है और उसके नेटवर्क की भी जांच चल रही है।

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ऑफिस में 8 बाउंसर, रोज शाम होती थी आरती

शिकायतकर्ता सुरजीत ठाकुर के अनुसार कमांद स्थित सेराफिना वेल्थ मैनेजमेंट के कार्यालय में निवेशकों को प्रभावित करने के लिए अलग तरह का माहौल बनाया गया था। उनका दावा है कि कार्यालय में करीब आठ बाउंसर तैनात रहते थे।

खाटू श्याम के करवाते थे दर्शन

शिकायतकर्ता के मुताबिक रोज शाम पूजा-पाठ और आरती करवाई जाती थी। कार्यालय आने वाले लोगों को पहले खाटू श्याम के दर्शन करवाए जाते और इसके बाद उनसे निवेश और रिटर्न को लेकर बातचीत होती थी।

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बड़ें अधिकारियों से संपर्क

सुरजीत का आरोप है कि इस पूरे माहौल और आरोपी के IIT मंडी के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने की बात से उसे कंपनी और उसके कामकाज पर भरोसा हुआ। इसी भरोसे में उसने कथित तौर पर 35.05 लाख रुपये निवेश कर दिए।

35.05 लाख लगाए, 25 लाख कर्ज लेकर जुटाए थे

शिकायतकर्ता के अनुसार उसने अलग-अलग समय पर कुल 35.05 लाख रुपये लगाए। इनमें करीब 25 लाख रुपये कर्ज लेकर निवेश करने का दावा किया गया है।

उसे भरोसा दिलाया गया था कि करीब 100 दिन में मूलधन वापस कर दिया जाएगा।

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रकम की वापसी के एवज में उसे चेक भी दिए गए थे। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी तक उसे करीब एक से दो लाख रुपये ही वापस मिले हैं और बाकी रकम नहीं लौटाई गई। पहले सामने आई पुलिस शिकायत में भी सुरजीत ने लाखों रुपये ऑनलाइन और नकद देने का दावा किया था। पधर पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

आईआईटी से नजदीकी का भी लिया गया भरोसे के लिए सहारा?

जांच से जुड़े आरोपों में IIT मंडी से कथित नजदीकी का मुद्दा भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार आरोपी ने संस्थान से जुड़े कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी और अधिकारियों से संपर्क का इस्तेमाल निवेशकों के बीच भरोसा बनाने के लिए किया।

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हालांकि, IIT मंडी ने आरोपी की वित्तीय गतिविधियों से संस्थान का संबंध होने से इनकार किया है। संस्थान के रजिस्ट्रार के अनुसार संस्थान ने किसी व्यक्ति को धन जुटाने के लिए अधिकृत नहीं किया था और पुलिस जांच में सहयोग किया जा रहा है।

आरोपी के ठिकाने बदलने की बात, पुलिस तलाश में जुटी

पुलिस के अनुसार आरोपी फिलहाल गिरफ्त से बाहर है और उसके अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से रकम लेने के पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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पुलिस जांच में यूपी और नेपाल तक नेटवर्क होने की जानकारी भी सामने आई है। शुरुआती निवेशकों को मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीतने और फिर उनसे ज्यादा रकम निवेश करवाने की बात भी जांच में सामने आई है।

10 करोड़ से ज्यादा की कथित ठगी, अब मनी ट्रेल पर नजर

मामले में कथित ठगी की रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक बताए जाने के बाद जांच का फोकस अब पैसों की आवाजाही पर भी है। रिपोर्टों के मुताबिक रकम के नेपाल भेजे जाने और आरोपी के नेपाल चले जाने की सूचना के बाद मनी लॉन्ड्रिंग तथा सीमा पार वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की संभावना बनी है।

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ट्रांजेक्शन की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

जांच में बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, संदिग्ध लेनदेन और संभावित क्रिप्टो ट्रांजेक्शन की कड़ियों को खंगाला जा सकता है। अगर जांच में कथित ठगी की रकम को दूसरी संपत्तियों में लगाने या अलग-अलग माध्यमों से छिपाने के प्रमाण सामने आते हैं तो उन लेनदेन की भी पड़ताल हो सकती है।

जांच में जुटी पुलिस टीम

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। SP विनोद कुमार ने कहा है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आरोपी और अन्य संभावित लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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