शिमला। हिमाचल प्रदेश में महंगाई भत्ते DA को लेकर सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। DA की बकाया किस्तें जारी न होने से परेशान कर्मचारियों ने मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा दिया है।
CM सुक्खू से सरकारी कर्मचारी नाखुश
एक कर्मचारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब तलब किया है- जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।
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DA न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला
इस मामले की अगली सुनवाई 4 जून को निर्धारित की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्र के मुकाबले 15 फीसदी कम महंगाई भत्ता दे रही है। जहां भारत सरकार अपने कर्मचारियों को 60 फीसदी की दर से DA प्रदान कर रही है। वहीं, हिमाचल के कर्मचारियों को फिलहाल केवल 45 फीसदी ही मिल रहा है।
कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा नुकसान
याचिकाकर्ता ने अदालत में यह भी तर्क रखा कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का अहम हिस्सा होता है, जिसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को संतुलित करना है। बावजूद इसके, राज्य सरकार समय पर DA की किस्तें जारी नहीं कर रही, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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तुरंत जारी करें किस्तें
याचिका में मांग की गई है कि 1 जुलाई, 2024 से लंबित सभी DA की किस्तों को केंद्र सरकार के पैटर्न पर तुरंत जारी करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही यह भी कहा गया है कि हिमाचल में अलग से वेतन आयोग नहीं है। राज्य आमतौर पर केंद्र या पंजाब के वेतन ढांचे का अनुसरण करता है- इसलिए DA में इस तरह का अंतर उचित नहीं है।
DA को लेकर मिलेगी राहत...
इसी मुद्दे से जुड़ी एक अन्य याचिका भी अदालत में लंबित है, जिसमें पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है और उसकी सुनवाई 28 मई को तय है। दोनों याचिकाओं में पश्चिम बंगाल और पंजाब की तर्ज पर महंगाई भत्ता देने की मांग उठाई गई है। अब देखना होगा कि सरकार अदालत में क्या पक्ष रखती है और क्या कर्मचारियों को बकाया DA को लेकर कोई राहत मिल पाती है या नहीं।
