सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षा हो, विज्ञान हो, खेल का मैदान हो या प्रशासनिक सेवाएं—प्रदेश की बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी कड़ी में अब सिरमौर जिले के संगड़ाह क्षेत्र की बेटी श्रुति तोमर ने अपनी मेहनत और लगन से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है।

संगड़ाह उपमंडल के सियू गांव निवासी पूर्व सैनिक सुखदेव सिंह तोमर की बेटी श्रुति तोमर ने विज्ञान के क्षेत्र की प्रतिष्ठित CSIR-UGC NET (Zoology) परीक्षा क्वालीफाई कर अपने परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

पूर्व फौजी की बेटी ने गाड़े सफलता के झंडे

श्रुति की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने यह सफलता किसी शॉर्टकट के सहारे नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर हासिल की है। एक सैनिक परिवार में पली-बढ़ी श्रुति ने अपने पिता से अनुशासन और मेहनत का संस्कार लिया और उसी को अपनी पढ़ाई में उतारते हुए राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की। जिस बेटी ने अपने पिता की मेहनत को करीब से देखा, उसी बेटी ने अपनी मेहनत से अब परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

 

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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से हासिल की M.Sc Zoology की डिग्री

श्रुति ने वर्ष 2024 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से M.Sc Zoology की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने CSIR-UGC NET की तैयारी शुरू की। यह परीक्षा देशभर में विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और शोध के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। श्रुति ने अपनी तैयारी के दौरान लगातार मेहनत की और आखिरकार परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने सपने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया।

अब JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का रास्ता खुला

CSIR-UGC NET क्वालीफाई करने के बाद श्रुति अब JRF यानी जूनियर रिसर्च फेलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्र हो गई हैं। उनकी यह उपलब्धि उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोलती है। श्रुति की सफलता ने यह भी साबित किया है कि छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

 

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बेटी की कामयाबी से परिवार में खुशी का माहौल

श्रुति की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों ने भी उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्रुति ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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हिमाचल की बेटियां लिख रही हैं कामयाबी की कहानी

आज हिमाचल प्रदेश की बेटियां यह साबित कर रही हैं कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। पहाड़ के छोटे-छोटे गांवों से निकलकर बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।

सिरमौर की श्रुति तोमर की कहानी भी ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल है। एक पूर्व सैनिक की बेटी ने अपनी मेहनत के दम पर विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया, बल्कि क्षेत्र की दूसरी बेटियों के लिए भी नई उम्मीद और प्रेरणा पैदा की है। श्रुति की सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं, बल्कि उस सपने की जीत है जिसे एक छोटे से पहाड़ी गांव की बेटी ने मेहनत और हौसले के दम पर सच कर दिखाया।

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