ऊना। कहते हैं कि एक बेटी अपने माता-पिता के दर्द को सिर्फ महसूस नहीं करती- वो उनके दर्द को बांटती भी है। बहुत सारे बच्चे ऐसे हैं जो अपने माता-पिता से प्रेरित होकर अपनी सफलता का लोहा मनवाते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की एक होनहार बेटी ने।

गरीब परिवार की बेटी ने किया कमाल

गरीब परिवार से संबंध रखने वाली साक्षी भारद्वाज ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के साथ-साथ अपने जिले और गांव का नाम रोशन किया है। साक्षी भारद्वाज ने राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर छात्रवृत्ति हासिल की है। साक्षी ये उपलब्धि हासिल करने वाली प्रदेश की इकलौती छात्रा है। यह भी पढ़ें: सचिवालय में कैबिनेट बैठक- बाहर गरजेंगे बेरोजगार, याद दिलवाएंगे वादे

कई बच्चों को पछाड़ा

आपको बता दें कि दिल्ली के विज्ञान भवन में छात्रवृति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें बीती बीती 17 से 18 सितंबर तक सभी बच्चों ने अपने मॉडल प्रदर्शित किए। 19 सितंबर तक चली इस छात्रवृत्ति प्रतियोगिता के अंतिम चरण में साक्षी ने कई बच्चों को पछाड़ते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

शानदार मॉडल किया प्रस्तुत

बताया जा रहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर छात्रवृत्ति के लिए 350 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। प्रदेश से पांच विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय इंस्पायर छात्रवृत्ति के लिए अपने मॉडल प्रदर्शित किए थे। जिनमें से करीब 31 बच्चों का चयन विदेश यात्रा समेत अन्य लाभों के लिए किया गया। साक्षी को प्रतिवर्ष 80 हजार रुपए के साथ विदेश यात्रा का मौका मिलेगा। साथ ही उसकी भविष्य की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी मिलेगी। यह भी पढ़ें: DC किन्नौर के पिता के कपड़े और मोबाइल अमृतसर में मिले, गुमशुदा की कोई खबर नहीं

वर्सेटाइल नेक फैन किया तैयार

इस प्रतियोगिता में साक्षी के अलावा मंडी से दो, हमीरपुर से एक और शिमला से एक विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा दिखाने गए थे। मगर सबको साक्षी का वर्सेटाइल नेक फैन का मॉडल खूब पसंद आया। जिसके चलते प्रदेश से केवल साक्षी ही इस उपलब्धि को हासिल कर सकी।

10वीं कक्षा में पढ़ती है साक्षी

साक्षी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठाशाला जाडला की दसवीं की छात्रा है। साक्षी के पिता दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं। जबकि, साक्षी की मां सिलाई का काम करती हैं। यह भी पढ़ें: हिमाचल में पैदल नशा बेचने निकले थे पंजाबी युवक, लाखों की खेप के साथ हुए अरेस्ट

मां का दर्द देख मिली प्रेरणा

साक्षी ने बताया कि उसे वर्सेटाइल नेक फैन का मॉडल तैयार करने का विचार मां का दर्द देखकर आया। उसने बताया कि उसकी मां को सर्वाइकल का दर्द रहता है। इस मॉडल में सर्वाइकल दर्द में इस्तेमाल होने वाले नेक बैंड के अंदर हवा देने से जुड़ा सुझाव प्रस्तुत किया गया है। साक्षी के इस मॉडल को खूब सराहना मिली है।

अन्य बच्चों को मिलेगी प्रेरणा

जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने कहा कि साक्षी पूरे प्रदेश में इकलौती ऐसी विद्यार्थी हैं जिसने ये उपलब्धि हासिल की है। साक्षी की इस उपलब्धि से प्रदेश के अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर आने वाली समय में कोई कंपनी साक्षी का मॉडल खरीदती है तो पेटेंट को इसकी कीमत साक्षी को देनी पड़ेगी। इस पैसे से साक्षी को पढ़ने में मदद मिलेगी।

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