मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित घौड़ गांव में इस समय खुशी की लहर दौड़ रही है। दरअसल, गांव का एक बेटा DSP बन गया है। 36 वर्षीय जितेश शर्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में राजपत्रित अधिकारी बने हैं। जितेश के DSP बनने के बाद से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। छोटे से गांव के बेटे की इस उपलब्धि पर हर किसी को गर्व है।

छोटे से गांव से संबंध रखते हैं DSP जितेश

रिवालसर के तहत आने वाले घौड़ गांव के जितेश शर्मा ने साल 2023 में परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद जितेश राजस्थान ने माउंट आबू स्थित आंतरिक सुरक्षा अकादमी से 33 हफ्ते की कठिन पुलिस ट्रेनिंग की। यह भी पढ़ें: समेज से लापता हुआ व्यक्ति कोल डैम में मिला, अब 14 की तलाश जारी आपको बता दें कि बीती 24 अगस्त को पुलिस प्रशिक्षम को पूरा करने के बाद जितेश ने अपने माता-पिता के हाथों पिपिंग समारोह को दौरान तीन स्टार लगवा कर DSP रैंक का पदभार संभाला। [caption id="attachment_15840" align="alignnone" width="1200"] DSP Jitesh Sharma[/caption]

सरकारी स्कूल से की पढ़ाई

जितेश ने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई अपने पैतृक गांव से की है। इसके बाद जमा दो की पढ़ाई विज्ञान संकाय में सरकारी स्कूल रिवालसर से की है। फिर जितेश ने HPU शिमला से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद जितेश ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। इतना ही नहीं अपने आप को अपडेट रखने के लिए जितेश ने पत्राचार के माध्यम से अपनी शिक्षा जारी रखी और अन्नामलाई विश्वविद्यालय तमिलनाडु से साइबर सुरक्षा में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली से इनफॉर्मेशन सुरक्षा में पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट हासिल किया। यह भी पढ़ें: घर से बाजार जाने के लिए निकला 27 वर्षीय युवक, पहाड़ी से लगाई छलांग वर्तमान में जितेश सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय जोधरपर से आंतरिक सुरक्षा और प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर रहे हैं। जितेश का कहना है कि उनका सपना इंजीनियर बनने का था। इसके लिए उन्होंने सुंदरनगर के पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई भी शुरू कर दी थी।

इंजीनियरिंग छोड़ वर्दी का चढ़ा जुनून

मगर इसी बीच अचानक उन्हें केंद्रीय पुलिस बल में शामिल होने का जुनून सवार हो गया। जिसके चलते उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और केंद्रीय पुलिस बल में जाने की तैयारी शुरू कर दी।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

इस दौरान जितेश को दो बार हार का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत करते रहे। जितेश ने अपने तीसरे व अंतिम प्रयास में इस परीक्षा की सभी चुनौतियों को पार कर अपने लक्ष्य को पाने में सफलता हासिल कर ली।
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आसान नहीं था यह सब करना

जितेश बताते हैं कि उनके लिए यह सब करना आसान नहीं था। दरअसल, जितेश शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। ऐसे में शादीशुदा जिंदगी और दो बच्चों के पालन पोषण का दायित्व भी उनके कंधों पर था। मगर जितेश ने हार नहीं मानी और अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने लक्ष्य को पाने के लिए जी तोड़ मेहनत की। जिसका नतीजा ये निकला कि आज जितेश केंद्रीय पुलिस बल में बतौर राजपत्रित अधिकारी तैनात हो गए हैं।

सेना से जुड़ा है परिवार

जितेश के परिवार के कई सदस्य सेना में सेवाएं दे चुके हैं और दे रहे हैं। जितेश के पिता सुख राम शर्मा सेना से सेवानिवृत्त हैं। जबकि, जितेश के भाई खुशहार शर्मा सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जितेश ने यह उपलब्धि हासिल कर यह बात साबित कर दी है कि लक्ष्य को पाने की कोई आयु सीमा नहीं होती है। कड़ी मेहनत से आप कोई भी बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं।

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