बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की एक नन्ही सी बच्ची ने अपनी आसाधरण प्रतिभा से पूरे देश में अपना और परिवार का नाम रोशन किया है। 3 साल की इस छोटी सी उम्र में जहां बच्चे अच्छे से बोल भी नहीं पाते, इस बच्ची ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् का प्रभावशाली और शुद्ध पाठ कर रिकॉर्ड स्थापित किया है।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
घुमारवीं उपमंडल के ग्राम देहरा की रहने वाली नितिक्षा ठाकुर अभी महज 3 साल 10 महीने की है। मगर उनकी लगन और प्रयासों ने उन्हें आज अलग ही पहचान दिलवाई है। नितिक्षा ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् का प्रभावशाली और शुद्ध पाठ कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।
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छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि
नितिक्षा ठाकुर, नितिन कुमार और दीक्षा कुमारी की पुत्री हैं। इतनी कम उम्र में धार्मिक स्तोत्र का सटीक उच्चारण और प्रभावशाली प्रस्तुति कर उन्होंने यह विशेष उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
परिवार को कराया गौरवान्वित
नितिक्षा की उपलब्धि पर उनके दादा मुख्त्यार सिंह, दादी नीलम देवी तथा परिवार के अन्य सदस्य बेहद गौरवान्वित हैं। परिजनों का कहना है कि नितिक्षा को बचपन से ही धार्मिक श्लोकों और स्तोत्रों में विशेष रुचि रही है। नियमित अभ्यास और परिवार के मार्गदर्शन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
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क्षेत्रभर से मिल रही बधाइयां
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने के बाद नितिक्षा को क्षेत्र के लोगों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस उपलब्धि को बिलासपुर और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।
