ऊना। सरकारी स्कूल, सीमित साधन और मां के दर्द से उपजी नई इनोवेश, हिमाचल के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटी ने वो कर दिखाया है, जो बेहद कम लोग कर पाते है। जिला ऊना के जाडला स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा साक्षी ने मां के दर्द को देखते हुए एक ऐसा गैजेट बनाया है जिसके बाद उसे जापान से बुलावा आया है।
सर्वाइकल दर्द से निजात पाने के लिए बनाया नया गैजेट
साक्षी मां रेखा रानी को लंबे समय से सर्वाइकल दर्द रहता है। मजदूरी करने वाले पिता और सिलाई से घर चलाने वाली मां के बीच पढ़ाई कर रही साक्षी ने मां की तकलीफ को वैज्ञानिक समाधान में बदल डाला।
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देश को दिलाई पहचान
साक्षी ने वर्सेटाइल नेक फैन नाम का मॉडल तैयार किया। इसमें नेक बैंड के भीतर हवा भरने की व्यवस्था की गई है, जो दर्द से राहत देती है और शरीर को ठंडक भी पहुंचाती है। यह इनोवेशन इतना प्रभावशाली था कि जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उसे सराहा गया।
अब जापान में दिखेगा सरकारी स्कूल की छात्रा का कमाल
देशभर से केवल 37 बच्चों का चयन जापान सरकार द्वारा आयोजित सकुरा एक्सचेंज प्रोग्राम इन साइंस के लिए हुआ है, जिनमें हिमाचल प्रदेश से अकेली छात्रा साक्षी हैं। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम 14 से 21 जून तक जापान में होगा। इस प्रोग्राम में चयन साक्षी को सिर्फ अंतरराष्ट्रीय अनुभव नहीं देगा, बल्कि उसका मॉडल पेटेंट होने की दिशा में भी उम्मीदें जगा रहा है।
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पेटेंट हुआ तो बदल सकती है ज़िंदगी
अगर किसी कंपनी ने साक्षी का मॉडल खरीदा, तो पेटेंट से मिलने वाली रकम उसकी आगे की पढ़ाई का रास्ता आसान बना सकती है। जिला उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल तक्खी के अनुसार, विदेश यात्रा और अन्य लाभों की औपचारिक घोषणाएं जल्द हो सकती हैं।
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सरकारी स्कूलों की प्रतिभा को मिले पहचान
यह कहानी उन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों के लिए भी एक सबक है जिन्हें अक्सर कम संसाधनों की वजह से कम आंका जाता है। वहीं राजकीय उच्च विद्यालय कनाह के छात्र उमेश ने भी इंस्पायर मानक योजना के तहत राज्य स्तर तक जगह बनाई है।
