मंडी। हिमाचल प्रदेश की बेटी और मंडी की NCC एयर विंग कैडेट काजल ने अपनी हिम्मत और जज्बे से प्रदेश का नाम रोशन किया है। काजल ने 18,370 फीट ऊंची परंगला चोटी पर पहुंचकर तिरंगा और NCC का ध्वज फहराया। करीब 250 किलोमीटर के इस कठिन हिमालयी ट्रेक के दौरान उन्होंने बर्फीले रास्तों, कम ऑक्सीजन और माइनस तापमान जैसी मुश्किलों का सामना किया।
250 किलोमीटर का था कठिन ट्रेक
अपराजिता-परंगला ट्रेक अभियान 18 अगस्त से 25 सितंबर तक चला। इसमें देशभर से चुनी गई महिला NCC कैडेट्स ने हिस्सा लिया और करीब 250 किलोमीटर का ऊंचाई वाला ट्रेक पूरा किया। अभियान की कमान हिमाचल प्रदेश एयर स्क्वाड्रन NCC, कुल्लू के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर कुणाल शर्मा ने संभाली।
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वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम पांडेय टीम लीडर रहीं। ट्रेक के दौरान कैडेट्स को कम ऑक्सीजन, बर्फीले-पथरीले रास्तों, माइनस तापमान और बदलते मौसम जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
17 सितंबर को 18,370 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा दल
अभियान के दौरान 17 सितंबर को दल बोंग्रोजन से आगे बढ़ा और 18,370 फीट की ऊंचाई पर स्थित परंगला चोटी तक पहुंचा। यहां काजल समेत पूरी टीम ने तिरंगा और NCC ध्वज फहराया। इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और खराब मौसम के बावजूद कैडेट्स ने हिम्मत नहीं हारी और इस चुनौतीपूर्ण सफर को पूरा किया।
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राष्ट्रपति भवन में कैडेट्स का हुआ सम्मान
अभियान की शुरुआत नई दिल्ली से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्लैग ऑफ करके की थी। ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद पूरी टीम का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में अभिनंदन किया। उन्होंने कैडेट्स के साहस और उपलब्धि की सराहना की। मंडी पहुंचने पर वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार और NCC अधिकारियों ने भी काजल का स्वागत किया।
काजल की उपलब्धि युवाओं के लिए बनी मिसाल
फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन लाल क्रांति सिंह ने काजल की उपलब्धि को ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेज के कैडेट्स लगातार साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
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काजल की यह उपलब्धि उनके साहस और मजबूत इरादे को दिखाती है। साथ ही यह भी साबित करती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में महिला कैडेट्स भी पूरी मजबूती के साथ चुनौतियों का सामना कर सकती हैं।
