ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से एक बेहद दर्दनाक हादसे का समाचार सामने आया है। दिवाली पर अपनों के बीच पहुंचने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की खुशियां संजोए एक प्रवासी श्रमिक के साथ ऐसा हादसा हो गया, जिसने उसकी जिंदगी को पलभर में बदलकर रख दिया। घर जाने की जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा व्यक्ति अचानक संतुलन खो बैठा और रेलगाड़ी तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। हादसा इतना भयावह था कि उसका एक पैर शरीर से अलग हो गया। गंभीर रूप से घायल श्रमिक को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया है।

स्टेशन पर हुआ दर्दनाक हादसा

यह घटना अम्ब-अन्दौरा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार मध्यरात्रि के समय पेश आई। घायल व्यक्ति की पहचान 45 वर्षीय मुख्त्यार महतो पुत्र दरोगा महतो के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के गांव मच्छर गनवान का रहने वाला है और नंगल में दिहाड़ी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। छठ पूजा के अवसर पर अपने पैतृक गांव जाने की तैयारी में वह स्टेशन पहुंचा था।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: दिवाली से पहले बुझ गया घर का चिराग, 9 वर्षीय मासूम को गाड़ी ने मारी टक्क

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश बनी जानलेवा

जानकारी के अनुसार गुरुमुखी एक्सप्रैस यात्रियों को उतारने के बाद खाली होकर नंगल की तरफ लौट रही थी। इसी दौरान मुख्त्यार महतो ने प्लेटफॉर्म से चलती ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि ट्रेन गति पकड़ चुकी थी और इसी बीच उसका संतुलन बिगड़ गया। वह संभल पाता, इससे पहले ही वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरा और रेलगाड़ी की चपेट में आ गया। इस दुर्घटना में उसका एक पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर शरीर से अलग हो गया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रैफर

हादसे के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल श्रमिक को तुरंत सिविल अस्पताल अम्ब पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया गया। उधर, रेलवे पुलिस ने घायल के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है।

 

यह भी पढ़ें : CM सुक्खू ने चंद घंटों में निभाया वादा, 700 KM दूर से मां का तबादला कर बच्ची से

जनरल डिब्बे में सीट पाने की कोशिश में उठाया जोखिम

रेलवे पुलिस चौकी ऊना के प्रभारी एसआई सुरेंद्र शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्त्यार महतो नंगल में मजदूरी करता है और त्योहार पर बिहार स्थित अपने घर जाना चाहता था। त्यौहारी सीजन में जनरल डिब्बों में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए वह ट्रेन में जगह पाने की उम्मीद से विशेष रूप से अम्ब-अन्दौरा स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान चलती ट्रेन में सवार होने की कोशिश उसके लिए भारी पड़ गई।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल का अनोखा गांव! यहां नहीं मनाई जाती दिवाली, शहीद फौजी की पत्नी के श्राप...

रेलवे पुलिस ने शुरू की आगामी कार्रवाई

रेलवे पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान जल्दबाजी में उठाए जाने वाले जोखिमों के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। त्योहार पर घर पहुंचने की चाह में की गई एक पल की जल्दबाजी ने इस श्रमिक को जिंदगी भर के लिए बड़ी मुश्किल में डाल दिया है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें