#हादसा
November 7, 2026
दिवाली से एक दिन पहले इलेक्ट्रिक दियों ने राख कर दिया घर

पालमपुर (कांगड़ा)। रोशनी और उमंग के पर्व दीपावली से ठीक एक दिन पहले हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक तरफ पूरा देश दीपोत्सव के स्वागत की तैयारियों में व्यस्त थाए वहीं पालमपुर शहर में एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम और धुएं के गुबार में बदल गईं। घरों को जगमगाने वाले इलेक्ट्रॉनिक दीये और रंग.बिरंगी लाइट्स जब जी का जंजाल बन जाएंए तो मंजर कितना खौफनाक हो सकता हैए इसकी बानगी इस दर्दनाक हादसे में देखने को मिली।
दरअसल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के पालमपुर में एक परिवार को अपना घर इलेक्ट्रिक दीयों से सजाना इतना भारी पड़ गया कि त्योहार की खुशियां पलभर में तबाही में बदल गईं। घर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने ड्राइंग रूम से लेकर पहली मंजिल के कई कमरों को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन घर का कीमती सामान जलकर राख हो गया।
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पालमपुर नगर निगम के वार्ड नंबर तीन में पुलिस थाना के समीप शुक्रवार रात यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार वार्ड निवासी धीरज खन्ना पुत्र यशपाल सिंह ने अपने मकान की पहली मंजिल पर बने ड्राइंग रूम को सजाने के लिए दीवार पर इलेक्ट्रिक दीये लगाए थे। बताया जा रहा है कि इन्हीं इलेक्ट्रिक दीयों से निकली आग ने दीवार पर लगी 3डी पीवीसी शीट को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और छत पर लगे पीवीसी पैनल तक पहुंच गई। कमरे में रखा सोफा, टेबल और अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
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इस हादसे ने परिवार को सबसे ज्यादा इसलिए भी झकझोर दिया, क्योंकि ड्राइंग रूम को करीब एक महीने पहले ही तैयार करवाया गया था। मकान मालिक धीरज खन्ना ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे वह परिवार के सदस्यों के साथ घर के दूसरे कमरे में बैठे हुए थे। इसी दौरान उन्हें नए तैयार किए गए ड्राइंग रूम की तरफ से धुआं उठता दिखाई दिया। जब वह कमरे की ओर पहुंचे तो वहां इतना धुआं भर चुका था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
हादसे की सूचना रात करीब 8:40 बजे अग्निशमन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही पालमपुर अग्निशमन केंद्र की टीम मौके के लिए रवाना हुई। फायर वाहन रात करीब नौ बजे घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की लपटें मकान के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी थीं, जिसके चलते टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
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पालमपुर अग्निशमन केंद्र के अग्निशमन अधिकारी सुरिंद्र कुमार के अनुसार इस घटना में करीब 15 लाख रुपये की संपत्ति जलने का अनुमान है। हालांकि, दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में परिवार का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ और न ही किसी तरह की जनहानि हुई।
पालमपुर की यह घटना दिवाली पर घरों को सजाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। त्योहार के दौरान लोग घरों में रंग-बिरंगी इलेक्ट्रिक लाइटें, झालरें, सजावटी दीये और अन्य विद्युत उपकरण लगाते हैं, लेकिन कई बार इनकी सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर पीवीसी शीट, प्लास्टिक पैनल, पर्दों और अन्य ज्वलनशील सजावटी सामान के आसपास इलेक्ट्रिक दीये या लाइटें लगाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाले प्रमाणित विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए, खराब तारों और ओवरलोडिंग से बचना चाहिए तथा घर से बाहर निकलते और सोने से पहले सजावटी लाइटों का स्विच बंद करना चाहिए।