#हादसा
October 31, 2026
हिमाचल: निजी बस ने कुचला स्कूटी सवार, 2 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया; लोगों ने किया चक्का जाम
टायर के नीचे आने से स्कूटी सवार के हेलमेट के हो गए टुकड़े
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गगल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में शनिवार सुबह एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब एक निजी बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक दो मासूम बच्चों का पिता था। हादसा इतना भयावह था कि युवक के सिर पर लगा हेलमेट भी टूटकर टुकड़ों में बिखर गया।
यह दर्दनाक हादसा गगल पुलिस थाना के तहत गगल-मांझी पुल के समीप शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। मृतक की पहचान करीब 40 वर्षीय संदीप कुमार निवासी रछियालू के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि संदीप कुमार अपनी स्कूटी पर घर की ओर जा रहे थे। वह रछियालू की तरफ मुड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पठानकोट की दिशा में जा रही एक निजी बस की चपेट में उनकी स्कूटी आ गई। हादसा इतना भयावह था कि निजी बस ने स्कूटी सवार को बुरी तरह कुचल दिया। संदीप कुमार ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं सका। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हेलमेट भी टूटकर टुकड़ों में बिखर गया और युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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दुर्घटना के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि निजी बस का चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए।
अपने परिवार के सदस्य की मौत से गुस्साए लोगों ने सड़क पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिसके चलते मंडी-पठानकोट हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया, जब परिजनों ने मृतक के शव को बस के नीचे से हटाने की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया। लोगों का कहना था कि प्रशासन पहले उनकी मांगों को गंभीरता से सुने और पीड़ित परिवार को उचित आश्वासन दे।
हादसे से आक्रोशित कुछ लोगों ने निजी बस के साथ तोड़फोड़ भी की। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल लोगों ने बस को आग लगाने की धमकी भी दी। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और किसी बड़ी अप्रिय घटना को रोक दिया।
चक्का जाम के कारण करीब दो घंटे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीड़ को समझाने के लिए एसडीएम कांगड़ा अंजली गर्ग और तहसीलदार को मौके पर आना पड़ा। तहसीलदार और एसडीएम कांगड़ा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग दो मासूम बच्चों के भविष्य और बेसहारा हुए परिवार के लिए लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कुछ यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया। पठानकोट की ओर से आने वाले वाहनों को सनौरा से वाया बद्दी-ढुगयारी मार्ग से भेजने की व्यवस्था की गई, ताकि मुख्य मार्ग पर लगे जाम का दबाव कम किया जा सके।
इस दर्दनाक हादसे ने मृतक के परिवार को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। संदीप कुमार अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार के सामने अब बच्चों के भविष्य और उनके पालन-पोषण को लेकर बड़ी चिंता खड़ी हो गई है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के दोनों मासूम बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर उन्हें लिखित रूप में आश्वासन दिया जाए। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य में उनके पालन-पोषण के लिए प्रशासन और संबंधित पक्ष ठोस व्यवस्था करे।

भीषण जाम का असर दूर-दराज से यात्रा कर रहे लोगों पर भी पड़ा। बताया जा रहा है कि केरल से आए एक दंपती भी लंबे ट्रैफिक जाम में फंस गए। उन्होंने समय पर एयरपोर्ट पहुंचने के लिए टैक्सी और रास्ते में मौजूद अन्य वाहन चालकों से रास्ता देने की गुहार लगाई। लेकिन जाम इतना लंबा था कि वे समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके और उनकी फ्लाइट छूट गई।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फरार बताए जा रहे बस चालक और परिचालक की तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है कि आखिर दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।
शनिवार की सुबह गगल-मांझी पुल के पास हुआ यह हादसा एक खुशहाल परिवार के लिए जिंदगी भर का गम छोड़ गया। दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद परिवार के सामने भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे इलाके को भी झकझोर कर रख दिया है।