शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का नया दौर शुरू होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसून ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं कई क्षेत्रों में यह बारिश आफत बनकर सामने आई है। चंबा जिले में एक बड़े भूस्खलन ने सड़क को निगल लिया और एक वाहन मलबे की चपेट में आकर हवा में लटक गया। दूसरी ओर कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति तेज बहाव वाली खड्ड में बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
चंबा में सड़क धंसी और हवा में लटका वाहन
चंबा जिले के चुवाड़ी-भराड़ी मार्ग पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। भूस्खलन इतना भीषण था कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गहरी खाई में समा गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: बस से ले जा रहे थे ढेर सारा नशा, 6 किलो चरस-अफीम के साथ 3 हरियाणवी अरेस्ट
इसी दौरान मार्ग से गुजर रहा एक वाहन भूस्खलन की चपेट में आ गया। सड़क धंसने से वाहन खाई की ओर झुक गया और कुछ समय तक हवा में लटका रहा। वाहन में सवार लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ सेकेंड की देरी भी बड़ा हादसा साबित हो सकती थी।
बाल-बाल बचे वाहन सवार
भूस्खलन के दौरान वाहन में मौजूद लोग समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे। यही वजह रही कि एक संभावित दर्दनाक हादसा टल गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो चुकी है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : 18 साल से कम उम्र की भतीजी संग चाचा ने की नीचता, कोर्ट ने 20 वर्षों के लिए भेजा जेल
जेसीबी की मदद से निकाला गया फंसा वाहन
घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए दो जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में फंसे वाहन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। विभागीय कर्मचारियों ने सड़क से मलबा हटाने का अभियान भी शुरू कर दिया है। हालांकि पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण बहाली कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
नूरपुर में खड्ड के तेज बहाव में बहा बुजुर्ग
उधर कांगड़ा जिले के नूरपुर उपमंडल से एक दुखद घटना सामने आई है। न्याजपुर वार्ड-9 निवासी 70 वर्षीय रशपाल सिंह शुक्रवार सुबह जब्बर खड्ड के तेज बहाव की चपेट में आ गए। गुरुवार रात हुई भारी बारिश के बाद खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति बहाव का अंदाजा नहीं लगा सके और देखते ही देखते पानी में बह गए। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने लोगों से बरसात के दौरान नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
यह भी पढ़ें : बिना टेस्ट दिए पाएं अच्छी नौकरी, सैलरी मिलेगी 20 हजार से ज्यादा- जानें डिटेल
कुल्लू की पार्वती घाटी में भी भूस्खलन
कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में जरी-मलाणा सड़क पर भी भूस्खलन की घटना सामने आई। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन द्वारा सड़क बहाली का कार्य जारी है।
अगले सात दिन बरसेगा मानसून, पांच दिन ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 18 से 24 जुलाई तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 19 से 23 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 18 और 24 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़क अवरोध और जलभराव जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
आज इन जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के 8 छात्रों ने पास की NEET परीक्षा, लिस्ट में 5 लड़कियां भी शामिल- लगा बधाइयों का तांता
प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बारिश के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित इलाकों में सावधानी बरतने को कहा गया है।
