शिमला। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में मौसम ने महज दस दिनों के भीतर ऐसी अप्रत्याशित करवट ली है कि लोग हैरान रह गए हैं। मई महीने की शुरुआत में जहां प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह.शाम ठंड का एहसास हो रहा था और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा थाए वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। प्रदेश के मैदानी इलाकों के साथ.साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्म हवाओं और भीषण गर्मी ने अपना कहर बरसाना शुरू कर दिया है।
तापमान में आई इस अचानक उछाल ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका हैए जबकि ऊना जिला प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र बनकर उभरा हैए जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया गया है।
भीषण गर्मी से परेशान हुए लोग
कुछ दिन पहले तक जहां लोग सुबह और रात के समय गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे थेए वहीं अब दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम होती दिखाई दे रही है। प्रदेश में पिछले दो दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। या यूं कहें कि हीट वेव ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में दोपहर के समय हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों में ही रहना पड़ रहा है।
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पहाड़ों पर भी गर्मी का असर
आमतौर पर गर्मियों में पहाड़ी क्षेत्रों का मौसम राहत देने वाला माना जाता है, लेकिन इस बार कई पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। लगातार साफ मौसम और तेज धूप के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से वर्षा गतिविधियों में कमी और आसमान साफ रहने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ी है।
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कई जिलों का तापमान 35 डिग्री के पार
प्रदेश के अनेक जिलों में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ा है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सुंदरनगर सहित कई क्षेत्रों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। ऊना में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जबकि अन्य मैदानी जिलों में भी गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
खेतों में बढ़ी किसानों की चिंता
भीषण गर्मी का असर कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषकर मक्की की खेती करने वाले किसान फसलों को बचाने के लिए अतिरिक्त सिंचाई करने को मजबूर हैं। कई क्षेत्रों में खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान सुबह और शाम के समय खेतों में पानी पहुंचाने में जुटे हैं ताकि बढ़ती गर्मी का असर फसलों पर कम से कम पड़े।
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अगले 72 घंटे हीट वेव का खतरा
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों के दौरान गर्मी का असर और बढ़ सकता है। कांगड़ा, सोलन, ऊना तथा अन्य मैदानी क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
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सप्ताह के अंत में मिल सकती है राहत
हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की वर्षा और बूंदाबांदी की संभावना है। 22 मई के आसपास प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने के आसार हैं। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने वाला है और अगले कुछ दिन लोगों को तेज धूप तथा गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
