शिमला। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत अनुबंध आधार पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से वेतन संशोधन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को अब नई वेतन व्यवस्था का लाभ मिलने जा रहा है। सात वर्ष की लगातार सेवा पूरी कर चुके पात्र कर्मचारियों के लिए एक अप्रैल 2026 से संशोधित बेस सैलरी लागू होगी। नई व्यवस्था में बेस सैलरी 18 हजार रुपये से लेकर 56,100 रुपये तक रहेगी।

66 श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

नई वेतन व्यवस्था का दायरा काफी बड़ा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के माध्यम से सेवाएं दे रहे मेडिकल ऑफिसर, विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, अकाउंटेंट, क्लर्क, मनोवैज्ञानिक, फिजियोथेरेपिस्ट, ड्राइवर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित विभिन्न पदों को शामिल किया गया है। कर्मचारी किस श्रेणी में कार्यरत है और उसकी सेवा अवधि कितनी है, इसी आधार पर संशोधित बेस सैलरी तय की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में चिट्टे के साथ HRTC कर्मचारी गिरफ्तार, अब सरकारी नौकरी से धोना पड़ सकता है हाथ

सात साल की सेवा पूरी करने वालों को फायदा

नई व्यवस्था में सात वर्ष की लगातार सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को विशेष लाभ दिया गया है। जो कर्मचारी 31 मार्च 2026 तक निर्धारित सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, वे संशोधित बेस सैलरी ढांचे के तहत वेतन निर्धारण के पात्र होंगे। कर्मचारियों की वरिष्ठता प्रभावित न हो, इसके लिए वेतन निर्धारण में उनकी लगातार सेवा अवधि को भी ध्यान में रखा जाएगा।

 

ऐसे पात्र कर्मचारियों को संशोधित बेस सैलरी पर उनकी सेवा अवधि के आधार पर 3 फीसदी की दर से एकमुश्त वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके बाद एक अप्रैल 2027 से पात्र कर्मचारियों को हर साल 3 फीसदी का वार्षिक इंक्रीमेंट मिलेगा। यानी लंबे समय से एनएचएम के तहत सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए यह संशोधन वेतन में तत्काल राहत के साथ आगे नियमित बढ़ोतरी का रास्ता भी खोलेगा।

सात साल पूरे नहीं हुए तो भी वेतन में होगा इजाफा

ऐसा नहीं है कि सात वर्ष की सेवा पूरी नहीं करने वाले कर्मचारियों को इस संशोधन का कोई लाभ नहीं मिलेगा। जिन कर्मचारियों ने अभी सात साल की लगातार सेवा पूरी नहीं की है या जो मौजूदा समय में संशोधित वेतन निर्धारण के लिए पात्र नहीं हैं, उनके लिए भी वेतन बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है।

 

यह भी पढ़ें : अप्पर भागसू में रेव पार्टी पर रेड: गांजा-चरस-चिट्टा सब बरामद, जंगल कॉलिंग का ओनर अरेस्ट

 

इन कर्मचारियों के मौजूदा वेतन में एक अप्रैल 2026 से एकमुश्त 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके बाद एक अप्रैल 2027 से हर वर्ष 5 फीसदी का वार्षिक इंक्रीमेंट मिलता रहेगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक संबंधित कर्मचारी संशोधित वेतन निर्धारण के लिए निर्धारित पात्रता पूरी नहीं कर लेते।

18 हजार से 56,100 रुपये तक तय हुआ बेस पे

नई व्यवस्था के तहत एनएचएम की 66 श्रेणियों के लिए अलग-अलग बेस सैलरी निर्धारित की गई है। कर्मचारियों के पद और श्रेणी के अनुसार यह बेस सैलरी 18,000 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 56,100 रुपये तक जाएगी। इसका मतलब यह है कि हर कर्मचारी की वेतन वृद्धि एक जैसी नहीं होगी, बल्कि संबंधित पद, श्रेणी और पात्रता के आधार पर वेतन निर्धारित किया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : रात के अंधेरे में घर में घुसे चोर, गहनों समेत एक लाख की नकदी पर किया हाथ साफ

कर्मचारियों को राहत की उम्मीद

एनएचएम के तहत प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े तकनीकी तथा गैर-तकनीकी पद शामिल हैं। ऐसे में वेतन संशोधन से इन कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर लंबे समय से अनुबंध आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सेवा अवधि को वेतन निर्धारण से जोड़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल के मंदिरों में बरसा करोड़ों का चढ़ावा, श्रद्धालुओं ने चढ़ाए 419 करोड़; बाबा बालक नाथ टॉप पर

केंद्र की मंजूरी के बाद लागू हुई नई व्यवस्था

एनएचएम के लिए संशोधित वेतन व्यवस्था को वर्ष 2026-27 के लिए लागू किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी और एनएचएम की गवर्निंग बॉडी के निर्णय के बाद आदेश जारी किए गए हैं। संशोधित वेतन निर्धारण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के कार्यालयों के स्तर पर की जाएगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें