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August 16, 2026
हिमाचल के लिए अगले 48 घंटे भारी : पांच जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, मंडरा रहा खतरा
अब तक 82 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में अब तक 183 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 103 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं, जबकि लैंडस्लाइड के कारण 14 लोगों की जान गई है।
लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के चलते राज्य में करीब 972 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है। मानसून के दौरान प्रदेश में सड़क हादसे लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण बने हैं। अब तक 103 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा चुकी है।
वहीं भूस्खलन जैसी घटनाओं में भी लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़कें खतरनाक होने के साथ-साथ लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ जाता है।
भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश के रिहायशी इलाकों को भी प्रभावित किया है। अब तक 82 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि 164 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में बारिश के कारण लोगों की आवाजाही और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने फिलहाल राहत की उम्मीद कम कर दी है। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर 17 और 18 अगस्त को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
आज बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि आज रात से मौसम में बदलाव आने और इसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है।
17 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। इन पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और सोलन में यलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
18 अगस्त को मौसम विभाग ने ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिलासपुर, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में यलो अलर्ट रहेगा। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़क अवरोध और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका बनी रहेगी।
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मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त से बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है। हालांकि प्रदेश में मानसून पूरी तरह शांत होने के आसार नहीं हैं। 21 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
भारी बारिश की चेतावनी के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नदी-नालों, खड्डों और अन्य जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचने को कहा गया है। इसके अलावा भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से भी बचना जरूरी है।
बारिश के दौरान अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में मानसून के दौरान अब तक हुई जनहानि और संपत्ति के नुकसान से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आने वाले दिनों में फिर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन के साथ-साथ लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।