शिमला। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को भी मौसम का कहर जारी रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। धौलाधार, रोहतांग दर्रा और पांगी-भरमौर की चोटियों पर भारी हिमपात दर्ज किया गया, जबकि लाहौल के बारालाचा, कुंजम और शिंकुला दर्रों में कई स्थानों पर 70 से 80 सेंटीमीटर तक बर्फ जमी बताई जा रही है। अटल टनल रोहतांग के आसपास भी करीब 90 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है।

 

शिमला जिले के कुफरी और नारकंडा के साथ-साथ किन्नौर के छितकुल और कल्पा में भी बर्फ गिरने का सिलसिला जारी रहा। वहीं शिमला, कांगड़ा, मंडी, चंबा, हमीरपुर और ऊना में दिनभर बारिश का दौर चलता रहा। पिछले पांच दिनों से जारी इस खराब मौसम के चलते पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ गई है और तापमान गिरकर करीब 10 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे मार्च में भी जनवरी जैसी सर्दी महसूस की जा रही है।

अटल टनल में जमी मोटी बर्फ, रास्ते बंद

अटल टनल रोहतांग के आसपास भारी हिमपात हुआ है, जहां करीब तीन फीट तक बर्फ जम गई है। इसके चलते लाहौल की ओर जाने वाला मार्ग बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने केवल चार पहिया विशेष वाहनों को सीमित दूरी तक जाने की अनुमति दी है] जबकि आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

 

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3 एनएच सहित 100 सड़कें बंद

बारिश ने सड़कों पर भी कहर बरपाया है। मंडी जिले में अचानक भूस्खलन होने से मुख्य मार्ग बाधित हो गया, जिससे लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है, लेकिन हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। हिमाचल में भारी बारिश और बर्फबारी के चलते तीन NH मनाली-केलांग, आनी-कुल्लू और रामपुर-किन्नौर समेत 100 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हुआ है। 

तापमान में भारी गिरावट, ठिठुरे लोग

बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 2 से 12 डिग्री के बीच पहुंच गया है। शिमला समेत कई क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए घरों में कैद हो गए हैं।

 

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ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात

ऊपरी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी ने हालात और कठिन बना दिए हैं। केलांग, गोंधला, कल्पा और हंसा जैसे इलाकों में अच्छी खासी बर्फ गिरी है, जिससे कई जगह आधा फुट से ज्यादा बर्फ जम गई है। वहीं कुफरी में गरज के साथ बारिश और कोहरे ने दृश्यता को कम कर दिया।

कृषि और बागवानी के लिए राहत

हालांकि इस खराब मौसम के बीच एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश और बर्फबारी रबी की फसलों, सेब के बागों और जल स्रोतों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जिससे आने वाले समय में किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

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आज भारी बारिश-बर्फबारी और ओलवृष्टि का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग की मानें तो आज रात तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज तूफान का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में देर रात तक जमकर बादल बरसेंगे। मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

हिमस्खलन का खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक सप्ताहांत के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों में कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कल से कमजोर पड़ेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस

मौसम विभाग के अनुसार कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा] लेकिन 23 मार्च को अधिक ऊंचे पहाड़ों पर फिर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार है। 24-25 को मौसम साफ रहेगा और 26 मार्च को फिर से बारिश-बर्फबारी होगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सतर्क रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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