शिमला। हिमाचल प्रदेश में मई महीने का मौसम इन दिनों लोगों को दिसंबर की याद दिला रहा है। आमतौर पर इस समय मैदानों में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं ने पूरे प्रदेश का मौसम बदलकर रख दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोग सुबह-शाम गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

 

आए दिन हो रही बारिश और बर्फबारी ने जहां तापमान में भारी गिरावट ला दी है, वहीं प्रदेश के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती में चार चांद लग गए हैं। दूसरी तरफ किसानों और बागवानों के लिए यही मौसम अब चिंता और तबाही का संकेत बनता जा रहा है। फसलों और फलों को लगातार नुकसान पहुंचने से बागवानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसी बीच मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए फिर से येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

 

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11 से 13 मई तक मौसम दिखाएगा तेवर

मौसम विभाग के अनुसार 10 मई तक मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 11 से 13 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश] आंधी] ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

तीन दिन येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी

11 मई को कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गर्जन की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 12 और 13 मई को मौसम और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलनेए भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताते हुए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14 और 15 मई को भी प्रदेश भर में मौसम खराब रह सकता है। हालांकि इन दो दिनों में विभाग ने किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

 

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इन जिलों में ज्यादा असर की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार 11 मई को हिमाचल की राजधानी शिमला सहित चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में येलो अलर्ट रहेगा। इसी तरह से 12 मई को लाहौल.स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी 10 जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसमें कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला में आरेंज अलर्ट जबकि सोलन, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर व उना में येलो अलर्ट रहेगा। 13 मई को भी कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला में आरेंज अलर्ट जबकि चंबा में येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। 

 

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ऊंची चोटियों पर बर्फबारी मैदानों में भी ठंडक

प्रदेश की ऊंची चोटियों पर भी मौसम लगातार करवट बदल रहा है। रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला जैसे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं कई इलाकों में बादल दिनभर डेरा जमाए हुए हैं। तापमान में आई गिरावट के कारण जनजातीय क्षेत्रों में पारा 3 से 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान 8 से 15 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में भी गर्मी का असर बेहद कम देखने को मिल रहा है।

पर्यटकों के लिए स्वर्ग बना हिमाचल

मैदानी राज्यों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल का रुख कर रहे हैं। खासतौर पर Kalpa, Kinnaur और शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर वीकेंड के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी हवाएं और बादलों से ढके पहाड़ पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। राजधानी शिमला में भी सैलानियों की भीड़ बढ़ने से सर्कुलर रोड सहित कई इलाकों में जाम की स्थिति बन गई। पार्किंग स्थल पूरी तरह भर गए और शहर में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

 

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किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता

जहां पर्यटक इस मौसम का आनंद ले रहे हैं, वहीं किसानों और बागवानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से सेब सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए ही खेती-बाड़ी और बागवानी से जुड़े कार्य करें। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

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