शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून अपनी विदाई से पहले एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने जा रहा है। भले ही राज्य में मानसून की सामान्य विदाई की तारीख 25 सितंबर मानी जाती है, लेकिन इस बार विदाई में देरी तय है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला (IMD) के अनुसार, मानसून की वापसी के कोई संकेत नहीं हैं और आगामी दिनों में प्रदेश का मौसम का मिजाज काफी बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने भारी से भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है। इस दौरान बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है।

26 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज

अभी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शांत है, लेकिन 26 सितंबर से मौसम की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने से स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। IMD के मौजूदा उपखंडीय पूर्वानुमान में हिमाचल के लिए 26 और 27 सितंबर को Thunderstorm, Lightning और Squall की चेतावनी दर्ज है।

 

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27 को चरम पर होगी आफत

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. शोभित कटियार ने बताया कि 26 सितंबर की रात को एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 26 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

 

वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सबसे अधिक असर 27 सितंबर को दिखेगा। इस दिन मौसम का असर सबसे ज्यादा और विकराल रहेगा। सिरमौर जिले में बहुत भारी बारिश के आसार को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किमी/ घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

 

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वेस्टर्न डिस्टरबेंस से प्रदेश के ऊना, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर जिले भी प्रभावित होंगे और यहां भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।

30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम के बिगड़ने के दौरान सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। आपके उपलब्ध मौसम बुलेटिन के अनुसार कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का जोखिम भी रहता है, इसलिए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी होगा।

 

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शुष्क मौसम के बाद फिर बारिश की दस्तक

पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कोई महत्वपूर्ण बारिश दर्ज नहीं हुई थी। शिमला में भी 24 सितंबर की सुबह तक 24 घंटे में बारिश दर्ज नहीं हुई। इसके बाद अब मौसम के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।

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शिमला के लिए जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान में 25 सितंबर को हल्की बारिश की संभावना, 26 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश और 27 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है। 28 सितंबर के बाद मौसम में फिर कुछ राहत के संकेत हैं।

तापमान में आएगी गिरावट, बढ़ेगी ठंड

बारिश और बादलों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान नीचे जा सकता है। शिमला में 26 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री और 27 सितंबर को भी करीब 24 डिग्री रहने का अनुमान है। 28 सितंबर को यह करीब 23 डिग्री तक पहुंच सकता है। बारिश के बाद खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास बढ़ने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का यह बदलाव मानसून के अंतिम दौर के साथ-साथ सर्दियों की आहट का संकेत भी दे सकता है।

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मानसून की विदाई पर भी नजर

सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम की यह सक्रियता मानसून की विदाई के समय को प्रभावित कर सकती है। हालांकि मानसून की वापसी की सटीक तारीख मौसम की आगामी गतिविधियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल IMD के ताजा बुलेटिन में हिमाचल के लिए 26-27 सितंबर को गरज-चमक और तेज मौसम गतिविधि का संकेत दिया गया है।

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बारिश-तूफान के दौरान बरतें सावधानी

आंधी-तूफान के दौरान लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। बिजली चमकने के समय खुले मैदान या पानी के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। 

 

नोट: मौसम संबंधी चेतावनियां समय के साथ बदल सकती हैं। यात्रा या अन्य जरूरी गतिविधियों से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट देखना उचित रहेगा।

 

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