#यूटिलिटी
September 24, 2026
हिमाचल की सड़कों पर दौड़ेंगी 350 नई बसें- पुरानी होंगी बेड़े से बाहर, कल लिया जाएगा फैसला
25 सितंबर की BOD बैठक में होगा फैसला
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शिमला। हिमाचल में बसों के इंतजार और लंबे रूट पर बेहतर कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। हिमाचल पथ परिवहन निगम अपने बस बेड़े को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निगम 350 नई बसें खरीदने की तैयारी में है। अगर 25 सितंबर को होने वाली निदेशक मंडल यानी BOD की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी।
प्रस्तावित 350 बसों में 250 डीजल बसें और 100 मिनी-मिडी बसें शामिल हैं। इन बसों की खरीद को लेकर निगम पहले भी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुका था, लेकिन कुछ आपत्तियों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया। अब टेंडर की शर्तों में बदलाव किए गए हैं, ताकि ज्यादा कंपनियां प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें।
एचआरटीसी की ओर से नई बसों की खरीद के लिए दोबारा टेंडर जारी करने की तैयारी है। पहले जारी प्रक्रिया में आई आपत्तियों के बाद निगम ने शर्तों की समीक्षा की है। माना जा रहा है कि संशोधित शर्तों के साथ टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
हालांकि, नई बसों की खरीद पर अंतिम मुहर BOD की बैठक में ही लगेगी। 25 सितंबर को होने वाली इस बैठक में बस खरीद से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है।
नई बसों की एंट्री के साथ एचआरटीसी अपने पुराने बेड़े को भी कम करने की तैयारी में है। बैठक में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन यानी JNNURM के तहत खरीदी गई पुरानी बसों को संचालन से बाहर करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
इन बसों की निर्धारित परिचालन अवधि पूरी हो चुकी है। निगम के सामने बड़ी चुनौती इन बसों के रखरखाव और संचालन खर्च को लेकर भी है। ऐसे में पुरानी बसों को हटाकर बेड़े में नई बसों को शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।
BOD बैठक में एचआरटीसी की 297 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़े आंकड़े भी रखे जाएंगे। इनमें इन बसों से होने वाली आय और डीजल बसों की तुलना में ईंधन खर्च में हुई बचत का आकलन शामिल होगा।
प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों को इन बसों के संचालन से जुड़े आंकड़े तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर इलेक्ट्रिक बसों के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।
अगर BOD से नई बसों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो संशोधित टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। दूसरी तरफ निर्धारित आयु पूरी कर चुकी पुरानी बसों को बेड़े से बाहर करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
इस बदलाव का असर एचआरटीसी के बस बेड़े की औसत उम्र और संचालन लागत पर पड़ सकता है। नई बसों के शामिल होने से निगम के अलग-अलग रूटों पर बस उपलब्धता बढ़ाने की संभावना भी बनेगी।
25 सितंबर की बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री करेंगे। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप सिंह समेत निगम के अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे।