शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। पहाड़ी राज्य में अगले दो दिन मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को हिमाचल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 18 अगस्त को प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ सकता है, जबकि 19 से 21 अगस्त तक भी कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
18 अगस्त को सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार 18 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ऊना, हमीरपुर और चंबा में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। शिमला और सोलन में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। प्रदेश के कई हिस्सों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी रहने के कारण प्रशासन और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। 18 अगस्त के लिए पूरे हिमाचल में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है।
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19 से 21 अगस्त तक भी बरसेंगे बादल
18 अगस्त के बाद मौसम तुरंत राहत देने वाला नहीं है। 19 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि 20 और 21 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD के अनुसार 22 और 23 अगस्त को फिलहाल किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई गई है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बढ़ा खतरा
भारी बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ सकता है। तेज बारिश के कारण खड्डों, नालों और नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका रहती है। संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी और पत्थर खिसकने से सड़क मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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सड़कों पर भी बढ़ सकती है परेशानी
मानसून के दौरान हिमाचल में लगातार भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण कई सड़क मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़क पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ सकती है। ऐसे में पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
नदी-नालों से दूर रहने की अपील
बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा उन क्षेत्रों में रहता है, जहां लोग नदी, नालों और खड्डों के किनारे पहुंच जाते हैं। शांत नजर आने वाले जलस्रोत अचानक उफान पर आ सकते हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और तेज बहाव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
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किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाओं का भी असर
मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
23 अगस्त के बाद कमजोर पड़ सकता है मानसून
लगातार सक्रिय मानसून के बीच राहत की उम्मीद भी है। मौसम विभाग के अनुसार 23 अगस्त के बाद मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं। हालांकि, तब तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस मानसून सीजन में हिमाचल में सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश रहने का अनुमान भी जताया गया है।
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प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
हिमाचल में लगातार बारिश के कारण पहले ही कई इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में 18 अगस्त को संभावित भारी से बहुत भारी बारिश को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है।
