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September 29, 2026

सुक्खू सरकार ने दी बड़ी राहत : BPL चयन में परिवार की पहचान का मापदंड खत्म, ग्रामसभा करेगी तय

मौजूदा BPL परिवारों के नाम पर भी कोई असर नहीं

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BPL Family Identification Campaign

शिमला। हिमाचल प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL श्रेणी में परिवारों के चयन को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब काफी हद तक साफ हो गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में चल रहे परिवार पहचान अभियान और BPL सूची तैयार करने की प्रक्रिया को एक-दूसरे से नहीं जोड़ा जाएगा।

परिवार पहचान और BPL सूची की प्रक्रिया अलग-अलग

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार परिवार पहचान अभियान में किसी परिवार का नाम दर्ज होने या किसी चरण में परिवार की पहचान होने से वह परिवार अपने आप BPL सूची का हिस्सा नहीं बन जाएगा। इसी तरह इस अभियान के आधार पर पहले से BPL सूची में शामिल किसी परिवार का नाम भी नहीं हटाया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने अपने दिशा-निर्देशों में दोनों प्रक्रियाओं को अलग व्यवस्था बताया है। प्रदेश में 19 मार्च 2025 से परिवार पहचान का अभियान चलाया जा रहा है।

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इसका उद्देश्य परिवारों से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को एकत्र कर सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए डेटा तैयार करना है। दूसरी ओर BPL सूची में किसी परिवार को शामिल करने या किसी मौजूदा परिवार को अपात्र होने पर सूची से हटाने के लिए विभागीय नियम पहले से निर्धारित हैं। इसलिए परिवार पहचान अभियान में दर्ज जानकारी को BPL पात्रता का अंतिम आधार नहीं माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि परिवार पहचान अभियान में नाम दर्ज होने के बाद भी किसी परिवार को BPL श्रेणी में आने के लिए अलग निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा।

मौजूदा BPL परिवारों के नाम पर भी कोई असर नहीं

सरकार के इस स्पष्टीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वर्तमान BPL परिवारों से जुड़ा है। विभाग ने साफ किया है कि परिवार पहचान अभियान के दौरान किसी परिवार की पहचान होने मात्र से मौजूदा BPL सूची में बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी यदि कोई परिवार पहले से BPL सूची में शामिल है तो केवल परिवार पहचान अभियान में दर्ज जानकारी के आधार पर उसका नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। किसी परिवार की पात्रता पर फैसला निर्धारित नियमों और संबंधित स्तर पर होने वाली जांच के आधार पर ही किया जाएगा।

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भविष्य में किसी परिवार को BPL सूची में शामिल करने के लिए विभाग की निर्धारित प्रक्रिया लागू होगी। पात्रता का आकलन संबंधित नियमों के तहत किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। इसी तरह यदि किसी परिवार को BPL सूची के लिए अपात्र पाया जाता है तो उसे सूची से हटाने की कार्रवाई भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। इससे साफ है कि परिवार पहचान अभियान को BPL सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया का विकल्प नहीं बनाया गया है।

पहले से चिह्नित परिवारों का होगा सत्यापन

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार परिवार पहचान अभियान के दौरान एकत्र जानकारी का इस्तेमाल सरकार की ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ से परिवारों को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। हालांकि यहां भी केवल परिवार पहचान अभियान में नाम दर्ज होना पर्याप्त नहीं होगा। किसी परिवार को योजना का लाभ देने से पहले निर्धारित मानकों के आधार पर उसकी पात्रता की जांच की जाएगी। यानी अभियान में पहचान हो जाने के बाद अगला चरण सत्यापन का होगा और इसी प्रक्रिया में यह तय होगा कि संबंधित परिवार योजना के लाभ का पात्र है या नहीं।

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विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक परिवार पहचान अभियान के अलग-अलग चरणों में चिह्नित परिवारों को योजना के लाभ से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। 11 सितंबर 2026 को जारी दिशा-निर्देशों में पहले से आठवें चरण तक चिह्नित परिवारों के साथ-साथ 21 अगस्त 2026 के निर्देशों के तहत अंतिम चरण में पात्र पाए जाने वाले परिवारों को भी योजना के दायरे में लाने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। हालांकि चिह्नित होना और लाभार्थी बनना दो अलग चरण हैं। पहले परिवार की जानकारी का सत्यापन होगा और निर्धारित शर्तें पूरी होने के बाद ही उसका विवरण लाभार्थी डेटाबेस में शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश

परिवार पहचान अभियान में शामिल परिवारों के लिए प्रशासनिक स्तर पर वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। इस दौरान संबंधित परिवार की जानकारी और पात्रता को निर्धारित मानकों के आधार पर परखा जाएगा। जो परिवार जांच में सभी जरूरी शर्तें पूरी करेंगे, उनका विवरण लाभार्थी डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार उन्हें संबंधित लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए परिवार पहचान अभियान में नाम होना लाभ की गारंटी नहीं, बल्कि आगे की प्रक्रिया के लिए एक आधारभूत जानकारी भर है।

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ग्रामीण विकास विभाग ने मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्हें कहा गया है कि परिवार पहचान अभियान को किसी भी स्थिति में BPL सूची के चयन, संशोधन या पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तौर पर पेश न किया जाए। विभाग ने प्रशासनिक अधिकारियों को यह जानकारी पंचायत और अन्य निचले स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार पहचान अभियान और BPL सूची को लेकर कोई भ्रम न रहे।

ग्राम सभा की भूमिका रहेगी अहम

सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद BPL सूची को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि परिवार पहचान अभियान और BPL चयन की प्रक्रिया अलग रहेंगी। किसी परिवार की BPL पात्रता निर्धारित नियमों, सत्यापन और ग्राम सभा से जुड़ी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार पहचान अभियान के आंकड़ों को सीधे BPL सूची में नाम जोड़ने या हटाने का आधार न बनाया जाए। वहीं, योजनाओं का लाभ देने से पहले पात्र परिवारों का सत्यापन किया जाएगा।

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