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September 29, 2026
हिमाचल: इस जिला में अब 100 रुपए में मिलेगा भरपेट खाना, मीट-मछली, मोमो-चौमीन सहित हर चीज के रेट तय
चाय और समोसा 15 रुपए में, परांठे के भी जान लें रेट
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में अब दुकानदारों, ढाबा संचालकों और खाद्य विक्रेताओं की मनमानी पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। खाने-पीने की वस्तुओं के मनमाने दाम वसूलने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए विभिन्न खाद्य वस्तुओं और पके हुए भोजन की अधिकतम बिक्री दरें निर्धारित कर दी हैं।
जिला दंडाधिकारी हेमराज बैरवा की ओर से जारी आदेश के बाद अब विक्रेता निर्धारित अधिकतम दर से ज्यादा कीमत नहीं वसूल सकेंगे। खास बात यह है कि प्रशासन ने केवल कच्चे खाद्य पदार्थों के ही रेट तय नहीं किए हैं, बल्कि सामान्य थाली, दाल-सब्जी, चपाती, परांठा, चाय, समोसा, मोमो, चौमीन और थुपका तक की कीमतें निर्धारित की हैं।
प्रशासन के इस फैसले का सीधा असर ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य विक्रेताओं पर पड़ेगा। निर्धारित दरों का उद्देश्य आम लोगों को उचित कीमत पर आवश्यक खाद्य सामग्री और पका हुआ भोजन उपलब्ध करवाना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय अधिकतम खुदरा बिक्री दर से अधिक राशि वसूलने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। सभी दुकानदारों और ढाबा संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी।
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कांगड़ा प्रशासन की निर्धारित दरों में आम लोगों के रोजमर्रा के भोजन को भी शामिल किया गया है। चावल-चपाती, दाल या सब्जी और कढ़ी वाली फुल डाइट की कीमत 100 रुपये तय की गई है। इसके अलावा फुल प्लेट चावल 60 रुपये, साधारण दाल 50 रुपये और फ्राइड दाल 70 रुपये में मिलेगी। स्पेशल सब्जी की कीमत 80 रुपये प्रति प्लेट निर्धारित की गई है।
पनीर की डिश में पालक पनीर 100 रुपये और मटर पनीर 110 रुपये प्रति प्लेट तय किया गया है। पांच पीस वाली मीट प्लेट 145 रुपये और चिकन करी 95 रुपये प्रति प्लेट में उपलब्ध होगी।
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प्रशासन ने आम तौर पर छोटी दुकानों और ढाबों पर बिकने वाली चीजों के दाम भी निर्धारित किए हैं। चाय 15 रुपये और समोसा भी 15 रुपये में मिलेगा। इसका मतलब है कि अब छोटी खाद्य दुकानों से लेकर ढाबों तक उपभोक्ताओं से तय दर से ज्यादा पैसे लेने पर कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
नाश्ते में भी प्रशासन ने अलग-अलग दरें तय की हैं। तंदूरी चपाती 9 रुपये और तवा चपाती 7 रुपये प्रति चपाती निर्धारित की गई है। अचार के साथ स्टफ्ड परांठा 30 रुपये और सादा परांठा 20 रुपये का होगा। वहीं दो पूरी या भटूरे चना-दही के साथ 60 रुपये प्रति प्लेट में मिलेंगे।
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युवाओं के बीच लोकप्रिय मोमो और चौमीन की कीमतें भी प्रशासन के आदेश में शामिल हैं। चौमीन की फुल प्लेट वेज 70 रुपये और हाफ प्लेट 40 रुपये तय की गई है। नॉन-वेज चौमीन की फुल प्लेट 80 रुपये और हाफ प्लेट 45 रुपये होगी।
इसी तरह वेज थुपका की फुल प्लेट 70 और हाफ प्लेट 50 रुपये, जबकि नॉन-वेज थुपका की फुल प्लेट 80 और हाफ प्लेट 55 रुपये निर्धारित की गई है। मोमो की बात करें तो फुल प्लेट वेज मोमो 80 रुपये और हाफ प्लेट 45 रुपये में मिलेगा। नॉन-वेज मोमो की फुल प्लेट 110 रुपये और हाफ प्लेट 60 रुपये निर्धारित की गई है।
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डेयरी उत्पादों को भी प्रशासन की निर्धारित दरों में शामिल किया गया है। स्थानीय सप्लाई का दूध 60 रुपये प्रति लीटर और उबला हुआ दूध 70 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा। वहीं ब्रांडेड पैक्ड दूध की बिक्री पैकेट पर अंकित एमआरपी के अनुसार होगी। दही की कीमत 90 रुपये प्रति किलो और स्थानीय पनीर की कीमत 360 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है।
प्रशासन ने सभी दुकानदारों, ढाबा संचालकों और खाद्य विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित दरों की सूची अपने प्रतिष्ठान में ऐसी जगह लगाएं, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें।
इसका मकसद उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले वस्तु की निर्धारित अधिकतम कीमत की जानकारी उपलब्ध करवाना है। इससे ग्राहक अधिक कीमत वसूले जाने की स्थिति में इसकी शिकायत भी कर सकेंगे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अधिकतम दर से अधिक राशि उपभोक्ताओं से नहीं ली जा सकती। यानी अब ग्राहक से मनमाने तरीके से कीमत वसूलना विक्रेता को महंगा पड़ सकता है। प्रशासन का यह फैसला खास तौर पर उन स्थानों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में भोजन करते हैं।