शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने ऐसा करवट ली है कि मई का महीना भी दिसंबर जैसी ठंड का एहसास करा रहा है। तेज तूफानए लगातार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने जहां आम जनजीवन को अस्त.व्यस्त कर दिया हैए वहीं किसानों और बागवानों की कमर तोड़ दी है। खासकर सेब उत्पादक क्षेत्रों में हालात बेहद चिंताजनक बन गए हैं। बड़ी बात यह है कि मौसम का यह कहर अभी रूकने वाला नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 8 मई तक प्रदेश में मौसम अपने तल्ख तेवर दिखाता रहेगा।

ओलों की मोटी चादर, बागवानी को भारी नुकसान

राजधानी शिमला के कुफरी, फागू और महासू पीक सहित कई क्षेत्रों में लगातार चार दिनों से हो रही ओलावृष्टि ने जमीन को सफेद चादर में बदल दिया है। सेब की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और बागवानों का कहना है कि इस सीजन की मेहनत लगभग बर्बाद हो चुकी है।

 

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बारिश से शहर बेहाल

शिमला में दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। नाले उफान पर आ गए और पानी सड़कों व पैदल रास्तों पर बहने लगा। कई जगह कचरा और मलबा जमा होने से लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदेशभर में मौसम का कहर

मंडी, सिरमौर, कांगड़ा और कुल्लू सहित कई जिलों में भी भारी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान धर्मशाला, कांगड़ा, पालमपुर और मंडी जैसे क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।

 

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तापमान में बड़ी गिरावट

बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड एक बार फिर लौट आई है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में रात का तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई गई है।

 

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आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कल यानी छह मई बुधवार को प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला सहित 10 जिलों में बारिश, बिजली कड़कने और 40-50 किमी की रफ्तार से आंधी चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 7 से 9 मई के बीच पश्चिमी विक्षोभ थोड़ा कमजोर पड़ सकता है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि 10 और 11 मई को एक बार फिर प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

 

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भूस्खलन से यातायात प्रभावित

लगातार खराब मौसम के चलते कई क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। रिकांगपिओ-काजा मार्ग पर मलबा गिरने से यातायात बाधित रहा, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बहाल किया गया। हिमाचल में मौसम का यह बदला मिजाज जहां आम लोगों के लिए परेशानी बन गया है, वहीं किसानों और बागवानों के लिए यह किसी आपदा से कम नहीं है। मई में पड़ रही दिसंबर जैसी ठंड और ओलावृष्टि ने आने वाले समय के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें मौसम के स्थिर होने पर टिकी हैं।

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