शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और पटवारी-कानूनगो के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां पटवारी-कानूनगो अपने दफ्तरों की चाबियां SDM और तहसीलदार को सौंप रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सुक्खू सरकार उनके खिलाफ सख्ती बरतने के मूड़ में नजर आ रही है।

सख्ती बरतने के मूड़ में सरकार

दरअसल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ACS राजस्व ओंकार शर्मा ने एक आदेश जारी किया। जिसमें प्रदर्शन कर रहे पटवारी-कानूनगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। इन आदेशों के बाद से पटवारी-कानूनगो में हंगामा मच गया है। यह भी पढ़ें: मंडी लोकसभा चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती, क्या चली जाएगी कंगना रनौत की सांसदी ?

नियमों का हो रहा उल्लंघन

इस बारे में मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलों के DC को लेटर जारी किया गया है। इस लेटर में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों का इस तरह का रवैया अनुचित है और यह CCS नियम, 1964 का उल्लंघन है। ऐसे में दो दिन के अंदर काम पर वापस ना लौटने पटवारियों-कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

कोई समस्या है तो करें बात

इसके अलावा लेटर में यह भी कहा गया है कि इस तरह ऑनलाइन सेवाएं बंद करना सेवा नियमों का उल्लंघन है। अगर पटवारी-कानूनगो को कोई समस्या है या उन्हें सरकार के किसी फैसले से कोई शिकायत है- तो उन्हें बातचीत का सहारा लेना चाहिए। इस तरह काम बंद करके विरोध करना ठीक नहीं है। यह भी पढ़ें: बिस्तर पर सो रहे 10 वर्षीय नक्ष को काटा सांप, छिन गया मां-बाप का इकलौता बेटा

नहीं करनी चाहिए आदेशों की अवहेलना

ऐसे लोगों के जरूरी कामों को रोक कर सरकार के आदेशों की अवहेलना नहीं करनी चाहिए। ऑनलाइन काम ठप करने और व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के खिलाफ सभी पटवारी और कानूनगो की सर्विस ब्रेक हो सकती है।

क्यों नाराज हैं पटवारी-कानूनगो?

बता दें कि बीती 12 जुलाई को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने पटवारी-कानूनगो को जिला कैडर से स्टेट कैडर बनाने का फैसला लिया था। जिसके बाद पटवारी-कानूनगो सभी ऑफिशियल व्हाट्सऐप ग्रुप भी एग्जिट कर चुके हैं। इतना ही नहीं 15 जुलाई से उन्होंने ऑनलाइन काम करना भी बंद कर दिया है। दरअसल, पटवारी और कानूनगो की भर्ती जिला कैडर के हिसाब से हुई है। अब उन्हें अचानक स्टेट कैडर बना देने से सीनियोरिटी प्रभावित होगी- जिससे प्रमोशन में देरी होगी। साथ ही स्टेट कैडर में मर्ज होने से सीनियोरिटी में पीछे जा सकती हैं। यह भी पढ़ें: कैबिनेट बैठक आज : देहरा पुलिस जिला के साथ और क्या रहेगा खास- यहां जानें

सौंप रहे दफ्तरों की चाबियां

इसी के चलते आज पटवारी-काननूगो संबंधित SDM और तहसीलदार को अतिरिक्त कार्यभार वाले अपने दफ्तरों की चाबियां सौंप रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं-तब तक उनका धरना जारी रहेगा और वह काम शुरू नहीं करेंगे।

कौनसे काम हैं बंद?

उल्लेखनीय है कि सरकार और पटवारी-कानूनगो के बीच चल रहे विवाद के चलते प्रदेश की जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 11 दिनों से पटवारी-कानूनगो द्वारा बोनोफाइड सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, करेक्टर सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकट, एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट, अन-इम्पलायमेंट सर्टिफिकेट, लैंड होल्डिंग सर्टिफिकेट जैसे ऑनलाइन काम बंद कर दिए गए हैं।

काम में नहीं आएगी एफिशिएंसी

हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि पटवारी-कानूनगों को जिला कॉडर में रखने का अहम कारण यह था कि उन्हें अपने जिला में उन्हें बोल चाल और एरिया के बारे में जानकारी होती है। ऐसे में अगर उनकी किसी दूसरे जिले में ट्रांसफर होती है तो उन्हें वह एरिया समझने में समय लगेगा। जिससे काम में एफिशिएंसी नहीं आएगी।

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