नई दिल्ली/शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विनय कुमार और प्रदेश के सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्ष इस समय दिल्ली में हैं। कांग्रेस आलाकमान ने संगठन को जमीनी स्तर पर धार देने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम (ट्रेनिंग कैंप) आयोजित किया है। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खुद जिला अध्यक्षों को राजनीति के गुर सिखा रहे हैं।
संगठन की 'रीढ़' मजबूत करने की कोशिश
पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि जिला अध्यक्ष संगठन की असली रीढ़ होते हैं। इसी सोच के साथ हिमाचल के अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे कई राज्यों के जिला अध्यक्षों को भी इस ट्रेनिंग में बुलाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों और संगठन के पुनर्गठन को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व को वैचारिक और रणनीतिक रूप से सशक्त बनाना है।
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जिलाध्यक्षों का राहुल गांधी से सीधा संवाद
प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राहुल गांधी के साथ होने वाला सीधा संवाद है। इसमें जिला अध्यक्षों को राहुल गांधी के साथ 'वन-टू-वन' चर्चा करने का मौका मिलेगा। वे अपने जिलों की राजनीतिक स्थिति, स्थानीय चुनौतियों और संगठन की जमीनी हकीकत पर खुलकर अपनी बात रख सकेंगे। इससे हाईकमान को भी हिमाचल के हर कोने की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
दो चरणों में होगी ट्रेनिंग
कांग्रेस ने इस ट्रेनिंग को दो हिस्सों में बांटा है:
1. पहला चरण: आज दिल्ली के इंदिरा भवन में सुबह 10:30 से शाम 7 बजे तक प्रारंभिक ओरिएंटेशन प्रोग्राम चल रहा है।
2. दूसरा चरण: इसके बाद जिलाध्यक्षों को 10 दिनों के एक विस्तृत 'आवासीय प्रशिक्षण' (Residential Training) के लिए दोबारा बुलाया जाएगा।
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सोशल मीडिया और बूथ मैनेजमेंट पर फोकस
- इस डिजिटल दौर में पार्टी ने अपनी रणनीति बदली है। ट्रेनिंग के दौरान विशेष रूप से इन विषयों पर जोर दिया जा रहा है:
- बूथ स्तर पर मजबूती: बूथ मैनेजमेंट के जरिए हर घर तक पहुंच बनाना।
- सोशल मीडिया रणनीति: डिजिटल कैंपेन और प्रभावी संवाद के जरिए पार्टी की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना।
- मीडिया प्रबंधन: स्थानीय स्तर पर मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना और जनता से सीधा संपर्क साधना।
