#राजनीति
February 10, 2026
RDG पर हिमाचल में सियासी संग्राम, CM सुक्खू बोले- जयराम ठाकुर को कुर्सी का 'लालच'
हमने चुनौतियों में भी जारी रखी OPS- CM
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब आर-पार की लड़ाई में बदल गई है। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोला। CM ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है जबकि जयराम ठाकुर सिर्फ सत्ता की कुर्सी बचाने के लिए छटपटा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय रिकॉर्ड खोलते हुए कई सवाल दागे। उन्होंने बताया कि साल 2018 से लेकर कांग्रेस सरकार बनने तक, केंद्र से जयराम सरकार को ₹54,256 करोड़ का 'राजस्व घाटा अनुदान' (RDG) मिला। इसके अलावा ₹16,000 करोड़ GST मुआवजे के रूप में भी मिले। सुक्खू ने सवाल किया कि इतनी भारी वित्तीय मदद मिलने के बावजूद भाजपा सरकार ने न तो प्रदेश का कर्ज चुकाया और न ही कर्मचारियों को उनके छठे वेतनमान का ₹10,000 करोड़ का एरियर दिया।
CM सुक्खू ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केवल चुनाव जीतने के लालच में ₹5000 करोड़ की "मुफ्त रेवड़ियां" बांट दीं। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये बिल्डिंग बनाने और चहेते ठेकेदारों पर लुटाए गए। सुक्खू बोले, "आज जब केंद्र ने राज्य की मदद बंद कर दी है, तो विपक्ष साथ देने के बजाय हम पर वित्तीय कुप्रबंधन का झूठा आरोप लगा रहा है।"
अपनी सरकार का पक्ष रखते हुए CM ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार को RDG के रूप में केवल ₹17,000 करोड़ मिले हैं और GST मुआवजा तो शून्य रहा है। इसके बावजूद, सरकार ने न तो किसी की सैलरी रोकी, न पेंशन बंद की और न ही कोई जनहित की योजना थमी। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में भी उन्होंने कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का तोहफा दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए केंद्र से मिलने वाली RDG संजीवनी की तरह है। यह राज्य के कुल बजट का लगभग 15 फीसदी हिस्सा है। उन्होंने कहा, "हिमाचल कभी भी राजस्व सरप्लस राज्य नहीं हो सकता, इसलिए केंद्र की मदद हमारा हक है।" वित्त विभाग की हालिया चेतावनी पर उन्होंने साफ किया कि पेंशन, वेतन और गरीबों की योजनाएं किसी भी सूरत में बंद नहीं होंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है ताकि वे हिमाचल के अधिकारों की बात मजबूती से रख सकें। इसके अलावा, दिल्ली दौरे के दौरान वे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की कोशिश करेंगे।