शिमला। हिमाचल की सुक्खू सरकार में विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर अचानक बड़ा बदलाव सामने आया है। सरकार ने दो अहम विभागों की कमान फिलहाल दूसरे मंत्रियों को सौंप दी है। जिसमें लोक निर्माण विभाग यानी PWD का जिम्मा मंत्री अनिरुद्ध सिंह संभालेंगे, जबकि शहरी विकास विभाग राजेश धर्माणी के पास रहेगा। आखिर सरकार को यह वैकल्पिक व्यवस्था क्यों करनी पड़ी? क्या इसके पीछे कोई खास वजह है? शनिवार देर शाम जारी आदेश के बाद सत्ता के गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कामकाज में रुकावट रोकने के लिए अंतरिम व्यवस्था

दरअसल, मंत्री विक्रमादित्य सिंह के 20 से 28 सितंबर 2026 तक विदेशी दौरे के दौरान लोक निर्माण विभाग यानी PWD की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह संभालेंगे। वहीं, शहरी विकास विभाग का दायित्व नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी को सौंपा गया है।

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विक्रमादित्य सिंह के विदेश दौरे के दौरान दोनों महत्वपूर्ण विभागों का नियमित काम प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने यह जिम्मेदारी दूसरे मंत्रियों को सौंपी है। यानी विभागों से जुड़े जरूरी प्रशासनिक फैसले और सरकारी कामकाज निर्धारित व्यवस्था के तहत जारी रहेंगे।

अनिरुद्ध सिंह के पास आएगा PWD

लोक निर्माण विभाग हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण, रखरखाव, पुलों और अन्य सार्वजनिक निर्माण से जुड़े मामलों का काम इसी विभाग के माध्यम से संचालित होता है। ऐसे में मंत्री की अनुपस्थिति के दौरान विभागीय जिम्मेदारी किसी अन्य कैबिनेट मंत्री को सौंपना प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की कवायद है। विक्रमादित्य सिंह की अनुपस्थिति में अनिरुद्ध सिंह PWD का काम देखेंगे।

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अनिरुद्ध सिंह वर्तमान में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग संभाल रहे हैं। सरकारी रिकॉर्ड में भी उन्हें ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के रूप में दर्ज किया गया है। PWD के सामने राज्य में सड़क और पुलों से जुड़े नियमित कामों के साथ-साथ मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली जैसी कई जिम्मेदारियां रहती हैं। ऐसे में अंतरिम तौर पर विभाग की निगरानी अनिरुद्ध सिंह के पास रहेगी।

ब्राजील दौरे पर हैं विक्रमादित्य सिंह

वहीं, शहरी विकास विभाग का जिम्मा राजेश धर्माणी को दिया गया है। धर्माणी वर्तमान में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग संभाल रहे हैं। सरकारी दस्तावेजों में भी उनका विभाग Town and Country Planning के रूप में दर्ज है। शहरी विकास से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट, नगरीय निकायों से संबंधित काम और विभागीय मामलों की निगरानी अब विक्रमादित्य सिंह की वापसी तक राजेश धर्माणी करेंगे।

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विक्रमादित्य सिंह के विदेश दौरे को इस प्रशासनिक व्यवस्था की प्रमुख वजह बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह ब्राजील दौरे पर गए हैं। हाल ही में उन्होंने BRICS से जुड़े कार्यक्रमों और हिमालयी क्षेत्र के मुद्दों पर भी सार्वजनिक रूप से बात की थी। विदेश दौरे के दौरान उनके साथ विभाग से जुड़े अधिकारी भी गए हैं। ऐसे में अधिकारियों की अनुपस्थिति में संबंधित विभागों के कामकाज के लिए भी अलग प्रशासनिक व्यवस्था किए जाने की संभावना है।

विक्रमादित्य के लौटने तक रहेगी व्यवस्था

सरकार की ओर से की गई यह व्यवस्था स्थायी विभागीय बदलाव नहीं है। इसका उद्देश्य मंत्री की विदेश यात्रा के दौरान दोनों विभागों के कामकाज को सुचारु बनाए रखना है। विक्रमादित्य सिंह के वापस लौटने के बाद दोनों विभागों की जिम्मेदारी फिर उनके पास रहेगी।

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