धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही परिसर में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई। सत्र के आरंभ से कुछ ही समय पहले भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार की नई जॉब ट्रेनी पॉलिसी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
नीतियों के विरोध में लिखे नारे
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सभी भाजपा विधायक विधानसभा गेट पर एकत्र हुए और सरकार पर युवाओं के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया। विधायक हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर सरकार की नीतियों के विरोध में लिखे नारे साफ नज़र आ रहे थे।
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प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी कर सरकार पर यह आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार नियमित भर्तियों से बचने के लिए युवाओं को सिर्फ ट्रेनी आधार पर रख रही है।
बेरोजगार युवाओं के साथ सीधा अन्याय
उनका कहना था कि दो साल तक युवाओं को ट्रेनिंग के नाम पर अस्थाई रूप से नियुक्त करना न सिर्फ रोजगार को असुरक्षित बनाता है, बल्कि बेरोजगार युवाओं के साथ सीधा अन्याय है।
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जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपनी इस पॉलिसी को तुरंत वापस ले और प्रदेश के युवाओं को नियमित नौकरी का अधिकार दे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर भी जोरदार तरीके से उठाएगी, ताकि युवा वर्ग की आवाज़ सरकार तक पहुंचाई जा सके।
स्थायी पदों को खत्म करने की कोशिश
विपक्ष के अनुसार, जॉब ट्रेनी पॉलिसी की आड़ में सरकार स्थायी पदों को खत्म करने की कोशिश कर रही है, जिससे भविष्य में रोजगार के अवसर और कम हो जाएंगे। सत्र की शुरुआत से पहले हुए इस विरोध ने संकेत दे दिया कि आने वाले दिनों में विधानसभा की कार्यवाही गर्म रहने वाली है।
