शिमला। हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने सुक्खू सरकार के एक कैबिनेट मंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। या यूं कहें कि राजभवन और सरकार में तकरार शुरू हो गई है। मामला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालयों में कुलपतियांे की नियुक्ति का है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि मैं नियम के विरुद्ध कोई भी काम नहीं करूंगा।

मंत्री चंद्र कुमार के बयान पर की तीखी टिप्पणी

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि सुक्खू कैबिनेट के मंत्री चंद्र कुमार बार बार बयान दे रहे हैं कि पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति से संबंधित बिल मंजूरी के लिए राजभवन में अटका है। जबकि यह बिल सरकार के पास है। राजभवन ने इसे टिप्पणी के लिए सरकार के पास भेजा है। जिस पर अब सरकार को ही फैसला लेना है। ऐसे में चंद्र कुमार राजभवन पर दोषारोपण करना बंद कर दें।

सुक्खू सरकार ने किया है बिल में संशोधन

बता दे कि कुलपितयों की नियुक्ति को लेकर सुक्खू सरकार ने बिल में संशोधन किया है। जिसके अनुसार कुलपति की नियुक्ति सरकार की सहमति से की जाएगी, क्योंकि पैसा सरकार देती है। ऐसे में जो नाम सरकार भेजेगी उसमें ही राज्यपाल को अपनी सहमति देनी होगी। लेकिन नियमों में ऐसा नहीं है। यह भी पढ़ें: एक साल में 1200 करोड़ का नुकसान: बिजली बोर्ड का घाटा 3 हजार करोड़ के पार

महामहिम के पास फाइल भेजन से पहले राजभवन करेगा विचार

नियमों के मुताबिक यूजीसीए राज्यपाल और सरकार तीनों के प्रतिनिधि की सहमति से कुलपति की नियुक्ति होती है। ऐसा देश में किसी भी राज्य में कोई प्रावधान नहीं है। हिमाचल ही ऐसा पहली बार होगा। जिसके चलते फाइल को राष्ट्रपति के पास भेजने से पहले उस पर पूरी तरह से विचार किया जाएगा। यह भी पढ़ें: डिप्टी सीएम के जिले में भड़की महिलाएं: बोलीं, बहू-बेटियों का घर से निकलना हुआ मुश्किल

कमेटी एक साल से नहीं खोज पाई कुलपति

शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि कुलपति को खोजन का काम कमेटी करती है, लेकिन एक साल से यह कमेटी कुलपति की खोज नहीं कर पाई है। ऐसे में कुलपति की नियुक्ति न होने में राजभवन का कोई दोष नहीं है। मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। यह भी पढ़ें: बंबर ठाकुर का बेटा अरेस्ट: सरेंडर करने से पहले ही उठा ले गई पुलिस

नियमों के विरुद्ध नहीं करूंगा कोई काम

राज्यपाल ने कहा कि मैं नियम के विरुद्ध कोई भी काम नहीं करूंगा, राज्यपाल के पद की गरिमा बनाए रखने के लिए कुछ भी करूंगा। बिल सरकार के पास ही है और सरकार को ही उसमें निर्णय लेना है।

पेज पर वापस जाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें