शिमला। हिमाचल में साल 2023 में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा का मामला राज्यसभा में जमकर गूंजा। राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने इस मामले को राज्यसभा में उठाया और केंद्र की मोदी सरकार को आपदा में हिमाचल की मदद ना करने पर जमकर घेरा। रजनी पाटिल ने बीते रोज शुक्रवार को राज्यसभा में यह मामला उठाया और केंद्र की मोदी सरकार से हिमाचल का हक मांगा।
रजनी पाटिल ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा
रजनी पाटिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में साल 2023 में भयंकर प्राकृतिक आपदा आई थी। इस प्राकृतिक आपदा में जहां 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वहीं हजारों लोग बेघर हो गए। इस प्राकृतिक आपदा में हिमाचल प्रदेश के आधारभूत ढांचे को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ। बावजूद इसके केंद्र सरकार ने इसकी भरपाई के लिए हिमाचल के साथ भेदभाव किया।
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केंद्र ने दिए मात्र 400 करोड़
हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान के लिए केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ रुपए की मांग की थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने मात्र 400 करोड़ रुपए जारी किए। यह 400 करोड़ ऊंच के मुंह में जीरा के समान थे। रजनी पाटिल ने कहा कि यह सरेआम हिमाचल के साथ भेदभाव है। उन्होंने कहा कि आपदा और त्रासदी के समय में भी राजनीति करना उचित नहीं है।
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शेष राशि जारी करने की उठाई मांग
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि इन मसलों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कई बार केंद्र सरकार के समक्ष मांग उठा चुके हैं। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार किया और मात्र 400 करोड़ रुपए जारी कर इतश्री कर ली। उन्होंने केंद्र सरकार से शेष राशि जारी करने की पुरजोर मांग की। इस दौरान पाटिल ने सदन में वायनाड समेत अन्य राज्यों में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का भी जिक्र किया। रजनी पाटिल ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
