नाहन। हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों समोसे पर जमकर सियासत हुई है। सीएम सुक्खू के लिए आए समोसों को सुरक्षा अधिकारियों को परोसने और फिर उसकी सीआईडी जांच की प्रदेश भर में जमकर चर्चा हुई। विपक्ष ने इस मामले का काफी उछाला और प्रदेश भर में सुक्खू सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। अब इस पर सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला किया है।

समोसे पर सीएम सुक्खू ने जयराम पर कसा तंज

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के समोसे खाने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर पर चुटकी लेते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि जचराम राजनीति छोड़कर समोसे की दुकान खोलने वाले हैं। इसी के चलते वह आए दिन समोसा समोसा कर रहे हैं। सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी जमकर हमला बोला। यह भी पढ़ें : विक्रमादित्य सिंह से युवक ने पूछा- कब करोगे शादी? मंत्री ने दिया मजेदार जवाब

डबल इंजन का दम भरने वाले प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर पाए

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी जयराम ठाकुर प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने सीएम रहते केवल मुफ्त की रेवड़ियां बांटने का काम किया और सत्ता सुख भोगा। जयराम ठाकुर ने प्रदेश में ऐसी व्यवस्थाएं शुरू कर दीं, जिससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान होता गया और प्रदेश कर्ज के बोझ तले दबता चला गया। यह भी पढ़ें : CM सुक्खू ने किया क्लियर- हिमाचल में इन लोगों को छोड़नी ही होगी सब्सिडी

सीएम सुक्खू ने दोहराया अपना संकल्प

सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार व्यवथा परिवर्तन के लिए आई है। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। जिसके चलते सरकार ने कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि कुछ सुधारों के बाद अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि हिमाचल प्रदेश को प्रदेश सरकार वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर तथा वर्ष 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : मां के खोने का दुख नहीं सह पाई बेटी, कफन डालते ही त्यागे प्राण
राजनीति लाभ लेने के लिए जयराम ने की थी बिना बजट की घोषणाएं
पच्छाद में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए जयराम सरकार ने अपने अंतिम महीनों में बिना बजट के स्कूल कॉलेज खोल दिए। इसी तरह कई अन्य सरकारी कार्यालय भी खोले। यह भी पढ़ें : हिमाचल : पेंटर ने स्टिकर उतराने के लिए लगाया लाइटर, खुद ही झुलस गया जयराम सरकार ने सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं दिया, केवल कार्यालय और स्कूल ही खोले। कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद ऐसे सभी स्कूलों को बंद कर दिया, जो बिना बजट के खोले गए थे। कांग्रेस ने सबसे पहले शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में टीचरों की भर्ती की। ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो।

प्रदेश में भरे जा रहे हजार शिक्षकों के पद

सरकार ने अध्यापकों के 6000 पद स्वीकृत किए हैं। 3000 अध्यापकों को बैचवाइज नियुक्ति दी गई है और 3000 पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्तमान सरकार नए संस्थान खोलने के बजाय पहले से खोले संस्थानों में अधोसंरचना और स्टाफ प्रदान करने को प्राथमिकता दे रही है।

पेज पर वापस जाने के लिए यहां क्लिक करें