हमीरपुर। हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज को लेकर सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों में मिली राजनीतिक निराशा के बाद सरकार बौखलाई हुई है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब विकास कार्यों की बजाय आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझ गई है।

भाजपा ने दिया मेडिकल कॉलेज हमीरपुर

हमीरपुर के गांधी चौक में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे अनुराग ठाकुर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थान केवल घोषणाओं से नहीं बनते, बल्कि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय और समयबद्ध कार्य जरूरी होता है।

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उन्होंने दावा किया कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को वास्तविक मंजूरी और वित्तीय सहायता केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली थी। सांसद ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले मेडिकल कॉलेज की केवल चर्चाएं होती रहीं, लेकिन जब केंद्र में भाजपा सरकार बनी तो परियोजना को स्वीकृति दिलाई गई।

प्रदेश सरकार ने की गति प्रभावित

अनुराग ठाकुर ने बताया कि कॉलेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि मंजूर की और अपने हिस्से का अधिकांश धन समय पर जारी भी किया। इसके बावजूद राज्य स्तर पर कई प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं, जिससे परियोजना की गति प्रभावित हुई।

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अनुराग ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज और अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में भी अनावश्यक देरी हुई। उनके अनुसार यदि समय रहते जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली जातीं तो मेडिकल कॉलेज का भवन काफी पहले तैयार हो चुका होता और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही होतीं।

आवश्यक व्यवस्थाओं में देरी समझ से परे

उन्होंने कहा कि हाल ही में मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने कई कमियों को देखा था, जिन्हें लेकर संबंधित बैठकों में मुद्दा उठाया गया। उनका कहना था कि वर्षों से भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद फर्नीचर, उपकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में देरी समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इतने महत्वपूर्ण संस्थान को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।

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सांसद ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन पर मेडिकल कॉलेज का श्रेय लेने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है कि किस सरकार ने परियोजना को मंजूरी दिलाई और किस स्तर पर देरी हुई। उन्होंने दावा किया कि यदि लगातार इस मुद्दे को नहीं उठाया जाता, तो शायद सरकार की ओर से भी इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखाई जाती।

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