शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून कहर बरपा रहा है। बीती रात भी प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई, जिसके चलते हालात और बिगड़ गए हैं। लगातार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं।
भारी बारिश से बढ़ी परेशानी
भारी बारिश के कारण तीन NH सहित करीब 353 सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप है। इसका सीधा असर आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की सप्लाई पर पड़ रहा है। खासकर मंडी, शिमला और कुल्लू जिलों में नदी-नाले खतरनाक रूप से उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
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स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान
स्कूलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। कुल्लू जिले के आनी सब-डिवीजन और मंडी के सदर डिवीजन में सभी स्कूल आज बंद रखे गए हैं। वहीं, मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब है-चंडीगढ़-मनाली फोरलेन दूसरे दिन भी बंद पड़ा है, जबकि औट-सैंज और शिमला-किन्नौर हाईवे पर जगह-जगह मलबा गिरने से यातायात ठप है।
कई जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग की मानें तो आज से मानसून थोड़ा कमजोर पड़ने के आसार हैं। हालांकि कई इलाकों में हल्की बारिश जारी रहेगी। कांगड़ा और चंबा जिलों के लिए आज भी यलो अलर्ट जारी है, जबकि अन्य जिलों के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
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अभी नहीं थमेगी बारिश
विभाग के अनुसार कल और परसों पूरे प्रदेश में किसी भी हिस्से में अलर्ट जारी नहीं होगा, जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन राहत लंबे समय तक टिकती नहीं दिख रही। मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिए हैं कि 21 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) फिर से सक्रिय होगा। इस दौरान ऊना, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों में दोबारा बारिश का यलो अलर्ट जारी रहेगा।
नदियां-नाले उफान पर हैं
अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। सिर्फ अगस्त महीने में ही सामान्य से 35 प्रतिशत अधिक बादल बरस चुके हैं। यही असामान्य वर्षा अब तबाही का कारण बनती जा रही है। लगातार भूस्खलन, सड़क बंद और नदियों के उफान ने प्रशासन और जनता दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
