कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के टांडा मेडिकल कॉलेज में ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला रोबोटिक रीनल (किडनी) ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।  इस ऐतिहासिक ऑपरेशन के साथ एक भावनात्मक कहानी भी जुड़ी है।

प्यार और त्याग की मिसाल बनी पत्नी

कुल्लू जिले के दुगलिंग की 37 वर्षीय महिला ने अपने 42 वर्षीय पति को जीवनदान देने के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी। यह कदम पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास, त्याग और प्रेम की मिसाल बन गया है।

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लंबे समय से चल रहा था इलाज

जानकारी के अनुसार, महिला के पति की दोनों किडनियां कुछ वर्ष पहले खराब हो गई थीं। इसके बाद परिवार ने इलाज के लिए कई बड़े निजी अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल पाया। आखिरकार वे टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां विशेषज्ञों ने जांच के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।

पत्नी ने दी पति को किडनी

नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अभिनव राणा ने दंपति को इस जटिल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया और उन्हें ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया। इसके बाद सर्जिकल टीम ने पूरी तैयारी के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल, पति-पत्नी दोनों ICU में निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। महिला को चार-पांच दिनों में छुट्टी मिलने की संभावना है।

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सफल हुई पहली रोबोटिक सर्जरी

इस जटिल सर्जरी को सर्जन डॉ. अमित शर्मा और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। टीम में डॉ. सोमराज महाजन, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. दीपेश और डॉ. कुशाल शामिल रहे, जबकि नेफ्रोलॉजी टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. नानीश ने किया।

 

डॉक्टरों के अनुसार, यह टांडा में किया गया पहला रोबोटिक-सहायता प्राप्त किडनी ट्रांसप्लांट है- जो पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले अधिक सटीक, कम दर्दनाक और तेजी से रिकवरी देने वाला होता है।

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संस्थान की बड़ी उपलब्धि

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि यह संस्थान का 23वां किडनी ट्रांसप्लांट है, जो यहां की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत से मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सकेगा।

अंगदान का संदेश

यह सफल ऑपरेशन न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धि है, बल्कि समाज को अंगदान के महत्व का भी मजबूत संदेश देता है। एक पत्नी द्वारा अपने पति को नया जीवन देने की यह कहानी इंसानी रिश्तों की गहराई और त्याग का जीवंत उदाहरण बन गई है।

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