कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में स्थित श्रीखंड महादेव यात्रा इस साल 10 जुलाई से शुरू हो रही है। यानी यात्रआ शुरू होने में महज तीन दिन बाकी हैं। हर साल सावन मास में आयोजित होने वाली यह यात्रा शिव भक्तों के लिए आध्यात्मिक आस्था और साहस की परीक्षा मानी जाती है। हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की आस्था उमड़ने को तैयार है।
श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए हो जाएं तैयार
श्रीखंड महादेव यात्रा हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच समुद्र तल से 18,570 फीट ऊंची चोटी पर विराजमान भगवान शिव के दर्शन के लिए 10 जुलाई से 23 जुलाई तक यात्रा आयोजित की जा रही है। यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यात्रा पर जाने से पहले आप रेट लिस्ट और अन्य सुविधाओं के बारे में अच्छे से जान लें।
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लूट पर लगेगी लगाम
प्रशासन ने यात्रा के दौरान मिलने वाले खाने-पीने की चीजों और रहने के लिए बिस्तरों के दाम भी तय कर दिए हैं। दरअसल, यात्रा के दौरान कुछ दुकानदार लोगों से चीजों के ज्यादा दाम वसूलते हैं। ऐसे में लूट पर लगाम लगाने के लिए चीजों के यह दाम श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट निरमंड द्वारा लागू किए गए हैं। उम्मीद है कि प्रशासन के इस फैसले से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर पाएंगे।
चीजों के दाम किए गए तय
जानकारी देते हुए यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और निरमंड के SDM मनमोहन सिंह ने बताया कि चीजों के रेट श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट निरमंड और प्रशासन ने मिलकर तय किए हैं। अगर कोई भी दुकानदार इसका उल्लंघन करता हुआ नजर आया तो उसके खिलाप सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसको जुर्माना भरना पड़ेगा।
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यहां देखें रेट लिस्ट
श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट निरमंड द्वारा जारी रेट लिस्ट के अनुसार यात्रों के पड़ावों के आधार पर चीजों के पैसे वसूले जाएंगे। जैसे कि-
- चाय : ₹15 से ₹45 प्रति कप
- मैगी : ₹35 से ₹75 प्रति पैकेट
- परांठा : ₹35 से ₹75 प्रति परांठा
- नाश्ता : ₹75 से ₹180 प्रति यात्री
प्रति यात्री बिस्तर के दाम
- पार्वती बाग : ₹320
- भीम डवारी : ₹300
- काली घाटी और कुंशा : ₹250
- थाचडू : ₹210
- बराटीनाला : ₹150
- बेस कैंप सिंहगाड : ₹110
प्रति यात्री पूरा खाना
पार्वती बाग : ₹290
भीम डवारी : ₹270
काली घाटी और कुंशा : ₹230
थाचडू : ₹200
बराटी नाला : ₹130
बेस कैंप सिंहगाड : ₹110
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बिना रजिस्ट्रेशन कोई अनुमति नहीं
SDM निरमंड मनमोहन शर्मा के अनुसार, श्रद्धालुओं को इस बार 250 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा और हर दिन अधिकतम 800 श्रद्धालुओं को ही श्रीखंड यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाएगी। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केवल रेयर मामलों में ही मिलेगा।
फिटनेस टेस्ट अनिवार्य, रास्ता बेहद कठिन
श्रीखंड यात्रा में श्रद्धालुओं को कुल 32 किलोमीटर पैदल चढ़ाई करनी होती है। इस यात्रा के दौरान 4 ग्लेशियर, चट्टानी पहाड़, और ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ता है। पार्वती बाग के आगे ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है, जिससे कई यात्रियों को बीच से लौटना पड़ता है।
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श्रीखंड का आध्यात्मिक महत्व
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि श्रीखंड की चोटी पर भगवान शिव शिला रूप में 72 फीट ऊंचे शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। वहां पहुंचकर परिक्रमा और पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
यात्रा का मार्ग और बेस कैंप
यात्रा के लिए यात्री रामपुर (शिमला) से होकर निरमंड, बागीपुल और फिर जाओ तक वाहन से पहुंचते हैं। इसके बाद पैदल यात्रा शुरू होती है। यात्रा मार्ग पर 5 बेस कैंप बनाए गए हैं:
- सिंहगड़
- थाचरू
- कुनशा
- भीम द्वार
- पार्वती बाग
यहां मेडिकल स्टाफ, रेस्क्यू टीमें, पुलिस, और ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध रहेगी। लंगर और ठहरने की व्यवस्था भी श्रीखंड ट्रस्ट द्वारा की जा रही है।
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रास्ते में दिखेंगे ये दिव्य स्थल
यात्रा के मार्ग में पार्वती बाग के फूल, नैन सरोवर, भीम बही, भीम द्वार, थाचड़ू, और बराटी नाला जैसे अद्भुत प्राकृतिक दृश्य श्रद्धालुओं को भक्ति और प्रकृति के संगम का अनुभव कराते हैं।
पिछले साल के अनुभव से सबक
बीते वर्ष बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं के कारण रास्तों को भारी नुकसान पहुंचा था। प्रशासन ने इस बार यात्रा शुरू होने से पहले तक सभी मार्गों की मरम्मत पूरी करने का दावा किया है।
