कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिर श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही मंदिर का एक नया और भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा। मंदिर के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में मंदिर के गर्भगृह को विशेष रूप से सजाने की तैयारी की जा रही है।
सोने-चांदी से सजेगा मां चामुंडा का दरबार
गर्भगृह की सजावट के लिए करीब तीन किलो सोना और छह क्विंटल चांदी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। यह सामग्री लुधियाना के एक दानी श्रद्धालु की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी और इसे दुबई से मंगवाया जाएगा।
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दरबार की बढ़ेगी शोभा
गर्भगृह के अलावा मंदिर की दीवारों, छत और अन्य हिस्सों को भी विशेष रूप देने का काम चल रहा है। इसके लिए वियतनाम से मंगवाया गया विशेष मार्बल इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर की दीवारों और दरवाजों पर मार्बल लगाने का काम पूरा हो चुका है। जबकि अन्य निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य अभी जारी हैं।
मंदिर के लिए नहीं था बजट
मंदिर के कायाकल्प में लुधियाना के एक श्रद्धालु का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। मंदिर न्यास के अनुसार पहले मंदिर फंड से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य की रफ्तार प्रभावित हो रही थी। इसके बाद दानी श्रद्धालु ने मंदिर के विकास कार्य में सहयोग करने की पहल की।
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श्रद्धालु ने किया बड़ा दान
श्रद्धालु की ओर से अपने स्तर पर लेबर उपलब्ध करवाए जाने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई। मंदिर न्यास के माध्यम से पिछले वर्ष से गर्भगृह से संबंधित कार्य भी इसी श्रद्धालु के सहयोग से करवाया जा रहा है।
3 किलो सोना, 600 किलो चांदी
अब गर्भगृह को और भव्य रूप देने के लिए सोना और चांदी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार करीब तीन किलो सोना और छह क्विंटल चांदी की सामग्री मंदिर तक पहुंचाई जाएगी। मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सामग्री दुबई से मंगवाए जाने की योजना है।
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वियतनाम के मार्बल से संवारा जा रहा गर्भगृह
मंदिर के गर्भगृह को आकर्षक और भव्य स्वरूप देने के लिए वियतनाम से मंगवाया गया विशेष मार्बल लगाया जा रहा है। गर्भगृह की दीवारों, छत और अन्य हिस्सों को इसी मार्बल से संवारा जा रहा है। मंदिर के तीनों गुंबदों का डिजाइन लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार किया गया है।
कहां तक पहुंचा मंदिर का काम ?
- दीवारों और दरवाजों तक मार्बल लगाने का काम पूरा हो चुका है।
- अन्य हिस्सों में भी निर्माण और फिनिशिंग का काम लगातार जारी है।
- तीनों गुंबदों की फिनिशिंग की जा रही है और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन पर कलश स्थापित किए जाएंगे।
- मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य भी चल रहा है।
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परिसर में रोशनी का काम भी जारी है।
- यज्ञशाला का निर्माण पूरा हो चुका है।
- माता की रसोई भी तैयार कर दी गई है
- हनुमान जी की मूर्ति के आसपास ग्रेनाइट लगाने का काम भी पूरा हो चुका है।
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एक साथ कितने श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन?
कायाकल्प का काम पूरा होने के बाद गर्भगृह की व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा। निर्माण पूरा होने पर एक समय में करीब 100 श्रद्धालु गर्भगृह में बैठकर माता के दर्शन कर सकेंगे। इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कब तक पूरा हो जाएगा काम?
मंदिर न्यास ने शेष निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हुई थी। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर न्यास के कनिष्ठ अभियंता यशपाल शर्मा के अनुसार, छत से पानी के रिसाव की समस्या के कारण गुंबद का काम पूरा करने में रुकावट आई थी। अब इस समस्या के बाद निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य दोबारा गति से चल रहा है।
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दानी श्रद्धालु के योगदान से हो रहा काम
SDM धर्मशाला मोहित रत्न ने बताया कि श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के कायाकल्प की योजना तैयार है। गर्भगृह को विशेष रूप से सजाने के लिए दानी श्रद्धालु ने सोना और चांदी भेंट करने का प्रस्ताव रखा था- जिसे मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि गर्भगृह में वियतनाम से मंगवाया गया मार्बल लगाया जा रहा है। सोने और चांदी की सामग्री भी प्रस्ताव के अनुसार दुबई से मंदिर तक पहुंचाई जाएगी।
आदि हिमानी चामुंडा में बनेगा लकड़ी का मंदिर
बताया जा रहा है कि आदि हिमानी चामुंडा मंदिर में भी विकास कार्य आगे बढ़ रहा है। शरद नवरात्र के दौरान यहां लकड़ी से निर्मित मंदिर स्थापित करने की तैयारी है।श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के गर्भगृह का काम पूरा हो चुका है। अब वहां पॉलिश और धरातल तल से संबंधित कार्य किया जाना बाकी है।
