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November 5, 2026
तीन साल से मां घर से 700 किलोमीटर दूर तैनात

चंबा। कभी-कभी बच्चों की छोटी-सी बात भी दिल को छू जाती है। ऐसा ही कुछ हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के सरकार गांव में कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने एक मासूम बच्ची अपनी मां से दूर रहने का दर्द बयां करते हुए रो पड़ी।
मुख्यमंत्री जैसे ही अपनी गाड़ी से उतरे, उनकी नजर सड़क किनारे खड़ी दो छोटी बच्चियों पर पड़ी। उन्होंने प्यार से दोनों को अपने पास बुलाया और उनका हाल-चाल पूछने लगे। इसी दौरान एक बच्ची वंशिका ठाकुर अचानक रोने लगी। उसे रोता देख मुख्यमंत्री ने प्यार से समझाया और कहा, बेटा रोते नहीं, बताओ क्या परेशानी है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्ची के आंसू पोंछे और उसकी बात ध्यान से सुनी।
वंशिका ने CM को बताया कि उसकी मां नारो देवी जेबीटी शिक्षिका हैं। उनकी ड्यूटी पिछले तीन साल से शिमला के नेरवा में लगी हुई है, जो उनके घर से करीब 700 लोमीटर दूर है। इस वजह से मां को बच्चों से दूर रहना पड़ रहा है।
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वंशिका ने बताया कि वह पहले अपनी मां के साथ रहकर पढ़ाई करती थी, लेकिन नवोदय विद्यालय की परीक्षा की तैयारी के लिए उसे वापस घर आना पड़ा। अब मां से दूर रहना उसके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है। बच्ची की बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
बेटी की परेशानी सुनने के बाद उसकी मां नारो देवी ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से नेरवा में तैनाती होने के कारण उनके बच्चे उनसे दूर रह रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से चुराह क्षेत्र के सबसे दुर्गम स्कूल चंडरू में तबादला करने की मांग की।
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नारो देवी ने बताया कि चंडरू स्कूल काफी दुर्गम इलाके में है और पिछले दो साल से वहां कोई भी स्थायी शिक्षक जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इस स्कूल में तैनाती मिल जाती है तो वह अपने बच्चों के साथ भी रह सकेंगी और वहां पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा भी दे सकेंगी।
वंशिका की बात सुनकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ को इस मामले को नोट करने और जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बच्ची को प्यार से समझाते हुए भरोसा दिलाया कि उसकी मां को जल्द उसके पास लाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री का बच्ची के प्रति अपनापन और मां की अपने बच्चों के पास रहने की इच्छा वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।