बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले मे पिछले कई समय से लापरवाह डॉक्टरों को लेकर कई मामले सामने आ रहे हैं। कई लोगों ने अस्पताल प्रबंधन को स्टाफ की लेट-लतीफी और ड्यूटी के दौरान अस्पताल में ना होने की शिकायतें दी थी।
लापरवा डॉक्टरों पर रखी जाएगी नजर
अब इस पर क्षेत्रीय अस्पातल प्रबंधन ने सख्त कदम उठाया है। अब अस्पताल में तैनात डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की हाजिरी पूरी तरह ऑनलाइन होगी और हर व्यक्ति की लोकेशन रियल टाइम में मॉनिटर की जाएगी।
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ड्यूटी के दौरान अस्पताल से बाहर गए, तो..
अस्पताल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी समय में यदि कोई स्टाफ सदस्य अस्पताल परिसर से बाहर जाता है, तो उसकी अनुपस्थिति ‘हिम एक्सेस ऐप’ में दर्ज हो जाएगी। ऐप में दिखाई देने वाले अनुपस्थिति समय के आधार पर उसके वेतन में कटौती की जाएगी।
डॉक्टरों की कटेगी सैलरी
अब डॉक्टर हों या क्लर्क, OPD में हों या इमरजेंसी में ड्यूटी टाइम में सभी का अस्पताल में मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया गया है। अस्पताल की कार्यप्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ‘हिम एक्सेस ऐप’ को लागू किया जा रहा है। यह ऐप स्टाफ की उपस्थिति, लोकेशन और ड्यूटी समय का रियल टाइम रिकॉर्ड रखेगा।
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क्या है नई व्यवस्था?
- अस्पताल में प्रवेश करते ही लॉगिन करना अनिवार्य
- लॉगिन के साथ ही लोकेशन डायरेक्ट निदेशालय तक जाएगी
- ऐप में हर मूवमेंट का डिजिटल रिकॉर्ड सेव होगा
- कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति अस्पताल से बाहर नहीं जा सकेगा।
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कई डॉक्टरों के रिकॉर्ड दर्ज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात 19 डॉक्टरों सहित सभी अधिकारियों का रिकॉर्ड ऐप में अपलोड किया जा चुका है। अब शेष कर्मचारियों का डेटा भी तेजी से अपडेट किया जा रहा है। 1 दिसंबर तक अस्पताल के पूरे स्टाफ की एंट्री ‘हिम एक्सेस ऐप’ में दर्ज करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों उठाया गया यह कड़ा फैसला?
लंबे समय से प्रशासन को यह शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पतालों में स्टाफ या तो समय पर ड्यूटी नहीं करता, या बीच-बीच में अस्पताल छोड़ कर बाहर चला जाता है। इससे मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है और सेवाओं पर सीधा असर पड़ता है।
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अब क्या होगा आगे?
- स्टाफ की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी
- कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी
- मरीजों को अधिक समय पर और बेहतर सेवा मिलेगी
- विभागीय जवाबदेही तय होगी
- अस्पताल प्रबंधन का बयान
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ऑनलाइन अपलोड होगा रिकॉर्ड
बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक एके सिंह ने पुष्टि की कि स्टाफ का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही ‘हिम एक्सेस ऐप’ के माध्यम से पूरी हाजिरी सिस्टम ऑनलाइन होगा। स्टाफ की लोकेशन की मॉनिटरिंग निदेशालय स्तर पर की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि 1 दिसंबर तक सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड ऐप में दर्ज हो जाए।
मरीजों को मिल सकती है बड़ी राहत
नए सिस्टम के लागू होने से डॉक्टरों और स्टाफ की नियमित मौजूदगी बढ़ेगी, जिससे-
- OPD में लंबी लाइनों में कमी
- इमरजेंसी सेवाओं में तेजी
- जांच रिपोर्ट और प्रक्रियाओं में बेहतर तालमेल
- जैसी सुविधाओं में सुधार आने की उम्मीद है।
