#अपराध

November 27, 2025

हिमाचल : खेत में पड़ा मिला मासूम, थम चुकी थी सांसें- कलयुगी मां को ढूंढ रही पुलिस

गांव के लोगों में आक्रोश- मौके पर पहुंची पुलिस

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Una Police

ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना स्थित अरनयाला रोड से एक बेहद दर्दनाक और अमानवीय घटना सामने आई। गांव के एक खेत में खड्ड के किनारे ग्रामीणों को एक नवजात शिशु का शव मिला है।

नवजात का मिला शव

शव को देखकर पूरे गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि नवजात शिशु का जन्म एक दो-दिन पहले ही हुआ है। बच्चे को कंबल में लपेट कर खेत में फेंका गया था। 

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मजदूरों ने देखा सबसे पहले

जानकारी के अनुसार, सुबह के समय दो प्रवासी मजदूर शौच के लिए रेलवे लाइन की ओर गए। इस दौरान उन्हें झाड़ियों में एक कपड़े का गठान पड़ा मिला- जो कि उन्हें कुछ अजीब लगा। ऐसे में जब उन्होंने पास जाकर उसे देखा तो उनके होश उड़ गए।

कपड़े के गठान में था नवजात

उन्होंने देखा कि गठान में एक मृत नवजात शिशु पड़ा हुआ था। नवजात शिशु को देखते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इस बाबत स्थानीय लोगों को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस को खबर दी गई।

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पुलिस मौके पर, जांच जारी

सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।  पुलिस ने नवजात (लड़का) के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह क्रूर कृत्य किसने और क्यों किया।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में गुस्सा पनप उठा।  उन्होंने कहा कि यह कृत्य समाज को झकझोरने वाला है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।   स्थानीय लोग इस घटना से बेहद दुखी और नाराज हैं। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने इस क्रूर घटना की कड़ी निंदा की है और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

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प्रशासन की अपील

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। साथ ही, प्रशासन ने समाज में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। 

बच्चे के लिए तरसते हैं कई लोग

लोगों का कहना है कि कई लोग बच्चे के लिए तरसते हैं। जबकि, कुछ लोग बच्चों के साथ क्रूरता करते हैं- जो कि बेहद शर्मनाक बात है। उनका कहना है कि अगर किसी को बच्चा नहीं चाहिए तो वो किसी और को बच्चा गोद दे सकता है।

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कैसे गोद ले सकते हैं बच्चा?

जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल ने बताया कि बच्चे को कैसे गोद लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि-

  • बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और अधिनियम के तहत होती है।
  • भावी माता-पिता को सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होता है।
  • उसके बाद एक होम स्टडी रिपोर्ट बनाई जाती है, जिसमें दंपत्ति की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति का आकलन किया जाता है।
  • बच्चा स्वीकार करने के बाद उसे कुछ समय के लिए फॉस्टर केयर (देखरेख अवधि) में दंपत्ति के साथ रखा जाता है।
  • फिर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को दंपत्ति को सौंपा जाता है।
  • एजेंसी दो साल तक हर छह महीने बाद फॉलोअप विजिट करके यह सुनिश्चित करती है कि बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ माहौल में रह रहा है।

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कौन ले सकता है बच्चा गोद?

बच्चा गोद लेने वाले लोगों के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। कोई भी व्यक्ति बच्चे को गोद ले सकता है- फिर चाहे वो भारतीय नागिरक हो या फिर विदेशी या फिर NRI (प्रवासी भारतीय)। मगर सभी अधिनियम के तहत निर्धारित नियम और शर्तें पूरी करने के बाद ही ये लोग बच्चे को गोद ले सकते हैं।

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