कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला जिला मुख्यालय से सटे रक्कड़ क्षेत्र में सोमवार को लापता हुए दोनों नाबालिग बच्चे मंगलवार सुबह सुरक्षित हालत में मिल गए। बच्चों के मिलते ही माता-पिता, परिजनों, स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।

पूरे इलाके में चिंता का माहौल

यह मामला पूरे इलाके में चिंता का विषय बना हुआ था, क्योंकि देर रात तक बच्चों का कोई सुराग नहीं लग पाया था। बच्चों के मिल जाने के बाद गांव में लोगों ने लोहड़ी की पूजा की और भगवान का धन्यावाद किया।

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24 घंटे से लापता थे भाई-बहन

जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय लड़का और 10 वर्षीय लड़की सोमवार को घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे, लेकिन स्कूल पहुंचे ही नहीं। दोपहर करीब तीन बजे के बाद जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। देर रात तक तलाश जारी रही, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

 

कहां और कैसे मिले दोनों?

मंगलवार सुबह दोनों बच्चे रक्कड़ क्षेत्र में ही एक छोटे कैफे से बाहर निकलते नजर आए। उसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति, जो रात से बच्चों की तलाश में जुटा हुआ था, ने उन्हें पहचान लिया और तुरंत परिजनों व पुलिस को सूचना दी।

 

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कहां चले गए थे बच्चे?

बच्चों के बयान के अनुसार, वे स्कूल नहीं जाना चाहते थे और लोहड़ी पर्व के मौके पर आसपास लोहड़ी मांगने निकले थे। इस दौरान घर के आसपास कुत्तों के डर से वे वापस घर नहीं गए। डर के कारण दोनों ने सड़क किनारे और स्कूल के पास स्थित एक कैफे में छिपकर रात बिताने का फैसला किया। कैफे संचालक को इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चे लापता हैं। सुबह होते ही बच्चे खुद ही बाहर निकल आए।

रातभर चलता रहा खोज अभियान

सोमवार दोपहर से लेकर देर रात तक बच्चों को ढूंढने के लिए अभिभावक, रिश्तेदार, स्थानीय लोग और पुलिस टीम लगातार प्रयास करती रही। सोशल मीडिया पर भी बच्चों की तस्वीरें और संदेश तेजी से साझा किए गए, ताकि किसी को जानकारी मिल सके। इलाके में जगह-जगह खोजबीन की गई और आसपास के संभावित स्थानों पर बच्चों के बारे में पूछताछ होती रही। पूरी रात रक्कड़ और आसपास के क्षेत्रों में बेचैनी का माहौल बना रहा।

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इस मामले में पुलिस थाना धर्मशाला को जैसे ही सूचना मिली, तुरंत टीम गठित कर खोज अभियान शुरू किया गया। कांगड़ा पुलिस के ASP बीर बहादुर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही बच्चों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए गए और अंततः बच्चों को क्षेत्र में ही सुरक्षित खोज लिया गया।

परिजनों और लोगों ने ली राहत की सांस

बताया जा रहा है कि बच्चे मूल रूप से ज्वाली क्षेत्र के रहने वाले दंपति के हैं और वर्तमान में रक्कड़ क्षेत्र में रह रहे थे। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद माता-पिता भावुक हो उठे। उन्होंने पुलिस, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया के माध्यम से मदद करने वाले सभी लोगों का आभार जताया।

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