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January 14, 2026

हिमाचल में सूखे जैसे हालात : दो दिन बाद से शुरू होगी बारिश-बर्फबारी, 5 जिलों में अलर्ट

टूट सकता है ड्राइ स्पेल- पांच जिलों में शीतलहर की चेतावनी

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HIMACHAL WEATHER

शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस बार सर्दियों में एक बार भी अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं हुआ है। बीते कई महीनों से जो सूखे का दौर चल रहा है- वो अब समाप्त होने की कगार पर नजर आ रहा है।

हिमाचल में सूखे जैसे हालात

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार रात से प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर 16 से 19 जनवरी तक रहने की संभावना है। इस दौरान ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले व मध्यम इलाकों में बारिश हो सकती है।

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बारिश के इंतजार में किसान-बागवान

लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे किसानों और बागवानों के लिए यह मौसम प्रणाली राहत की खबर लेकर आ सकती है। खासकर रबी फसलों, सेब व अन्य फलदार पौधों के लिए यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है।

दो दिन बाद से शुरू होगी बारिश-बर्फबारी

मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 18 जनवरी के बीच बारिश और बर्फबारी का प्रभाव मुख्य रूप से अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। इस दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कांगड़ा के ऊपरी इलाकों सहित अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार हैं।

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वहीं, 19 जनवरी को मौसम का दायरा और बढ़ सकता है। इस दिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में फिर से बर्फबारी हो सकती है।

सूखे से जूझ रहे किसान-बागवान

प्रदेश में इस सर्दी के मौसम में बारिश का भारी अभाव रहा है। नवंबर में सामान्य से करीब 96 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, दिसंबर में यह आंकड़ा 99 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि जनवरी में अब तक करीब 89 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

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कई इलाकों की मिट्टी सूखी

इस लंबे ड्राइ स्पेल का सीधा असर गेहूं, जौ, सरसों जैसी रबी फसलों के साथ-साथ सेब, नाशपाती, आड़ू और खुबानी जैसे फलदार पौधों पर पड़ा है। नमी की कमी के कारण कई इलाकों में खेतों की मिट्टी सूख चुकी है और बागानों में पौधों की प्राकृतिक ठंड (चिलिंग) पूरी नहीं हो पा रही।

बर्फबारी से सेब बागानों को मिलेगा फायदा

बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऊंचाई वाले इलाकों में अच्छी बर्फबारी होती है तो इससे सेब की फसल के लिए आवश्यक चिलिंग आवर पूरे होने में मदद मिलेगी। साथ ही बर्फ पिघलने से आने वाले महीनों में मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जो आगामी फसल चक्र के लिए बेहद जरूरी है।

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5 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट

बारिश-बर्फबारी से पहले प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विभाग ने ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में आज और कल के लिए शीतलहर को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।

घने कोहरे की चेतावनी

इसके अलावा सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। कोहरे के कारण सुबह और रात के समय दृश्यता कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात और आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

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बारिश-बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड

बीते तीन दिनों के दौरान प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना है। कुछ दिन पहले जहां प्रदेश के 15 शहरों में पारा शून्य से नीचे चला गया था, वहीं अब केवल तीन शहरों में तापमान माइनस में बना हुआ है।

किसानों को सलाह

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, मैदानी इलाकों में भी सर्द हवाओं का असर तेज हो जाएगा। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए खेतों में खाद व उर्वरक का संतुलित प्रयोग करें और बागवान पौधों की छंटाई व दवाओं का छिड़काव मौसम साफ होने पर ही करें।

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