शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी फैसलों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सेवा विस्तार और पुनर्नियोजन पर रोक लगाने का सख्त आदेश जारी करने वाली सुक्खू सरकार ने महज 23 दिन में ही अपना फैसला बदल दिया है।
PWD इंजीनियर पर मेहरबान सुक्खू सरकार
फैसले में बदलाव करते हुए लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को छह माह का सेवा विस्तार दे दिया है। इस फैसले ने सरकार की नीति और उसके क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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इंजीनियर को दिया एक्सटेंशन
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिला हमीरपुर से संबंध रखने वाले नरेंद्र पाल सिंह को 1 मई, 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक सेवा में बनाए रखा जाएगा। आदेश में इस फैसले को “जनहित” में लिया गया बताया गया है।
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23 दिन में पलटा अपना फैसला
यह निर्णय इसलिए चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे पहले 7 अप्रैल 2026 को राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सेवा विस्तार और पुनर्नियोजन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। ऐसे में महज तीन सप्ताह के भीतर इस तरह का अपवाद सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है।
वही मिलेगा वेतन...
आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विस्तार अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी को वही वेतन मिलेगा, जो वह वर्तमान में प्राप्त कर रहे थे। इस दौरान किसी भी प्रकार की वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया जाएगा।
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यह प्रावधान वित्त विभाग के 23 जून 2015 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रखा गया है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर 2026 (दोपहर बाद) से नरेंद्र पाल सिंह को सेवानिवृत्त माना जाएगा।
