बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने न केवल एक परिवार की खुशियों को उम्र भर के गम में बदल दिया, बल्कि पूरे पुलिस महकमे को भी झकझोर कर रख दिया है। एक शादी समारोह, जहां शहनाइयां गूंज रही थीं और बारात की रौनक अपने चरम पर थी, वहां अचानक मौत के सन्नाटे ने दस्तक दे दी।
जिला पुलिस की यातायात शाखा में तैनात कांस्टेबल कुलदीप सिंह का दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया, जिससे बारात की खुशियां पल भर में चीख-पुकार में तब्दील हो गई।
सबसे दुखद बात यह है कि दिवंगत कांस्टेबल अपने पीछे दो छोटी-छोटी बेटियां छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अब हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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बारात में गया था कांस्टेबल
मृतक की पहचान कांस्टेबल कुलदीप सिंह के रूप में हुई है़ जो बिलासपुर पुलिस की यातायात शाखा में तैनात थे। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह कुलदीप सिंह अपने एक करीबी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए बारात के साथ कुल्लू जिला के बंजार गए थे। शादी समारोह पूरे उत्साह के साथ चल रहा था, लेकिन इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि उन्हें तेज घबराहट और सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन और अन्य लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जैसे ही कुलदीप सिंह के निधन की सूचना परिवार और घुमारवीं क्षेत्र में पहुंची, हर तरफ शोक छा गया। रविवार शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
कुलदीप सिंह की मौत ने उनके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। अपने पीछे वह वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो छोटी-छोटी मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं। जिन बेटियों के सुरक्षित भविष्य के सपने कुलदीप संजो रहे थे, अब उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के धनी कुलदीप की कमी उनके परिवार और सहकर्मियों को उम्र भर खलेगी।
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
सोमवार को घुमारवीं के मुक्तिधाम में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और राजकीय सम्मान के साथ कांस्टेबल कुलदीप सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। जिला पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी गई।
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अंतिम संस्कार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस जवान और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से दिवंगत जवान को अंतिम विदाई दी और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
परिवार को दी गई फौरी राहत
जिला पुलिस विभाग की ओर से मृतक की पत्नी को 35 हजार रुपये की फौरी राहत राशि भी प्रदान की गई। कुलदीप सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनके अचानक निधन से न केवल परिवार का सहारा छिन गया, बल्कि पुलिस विभाग ने भी एक कर्मठ और समर्पित जवान खो दिया है।
