मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में एक गांव के अचानक गंभीर बीमारी की चपेट में आने से हड़कंप मच गया है। गोहर उपमंडल की नौण पंचायत के पठाण गांव में पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 100 से अधिक लोग बीमार हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अब तक करीब 25 डायरिया मरीजों की पुष्टि की है। एक ही गांव में इतने लोगों के बीमार पड़ने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में भी चिंता बढ़ गई है।
दो दिन में बिगड़े हालात, घर-घर पहुंची बीमारी
बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों के दौरान गांव में अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। कई लोगों को उल्टी-दस्त के साथ बुखार की शिकायत सामने आई। देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों के मुताबिक बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों और स्थानीय क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक करीब 25 मरीजों में डायरिया की पुष्टि की गई है।
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100 से ज्यादा लोगों के बीमार होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 100 से अधिक लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ बीमार पड़ने के बाद गांव में हर परिवार अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों की जांच की जा रही है। विभाग के अनुसार मरीजों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।
दूषित पानी की आशंका, ग्रामीणों ने नल का पानी छोड़ा
बीमारी फैलने के बाद ग्रामीणों ने एहतियातन नलों से आने वाला पानी पीना बंद कर दिया है। लोग फिलहाल पानी को उबालकर इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि दूषित पेयजल के कारण डायरिया फैल सकता है, हालांकि बीमारी के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पानी के स्रोतों की जांच और बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर की जांच
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पठाण गांव पहुंची। टीम ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध करवाकर उपचार शुरू किया। बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश रोशन के अनुसार अभी तक करीब 25 डायरिया मरीजों की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों की निगरानी की जा रही है और मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है।
ढाई साल का बच्चा अस्पताल में भर्ती
डायरिया से प्रभावित करीब ढाई साल के एक बच्चे की हालत को देखते हुए उसे नागरिक चिकित्सालय गोहर में भर्ती करवाया गया है। अस्पताल में बच्चे का उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लोगों को बीमारी से बचाव और साफ-सफाई को लेकर भी जागरूक कर रही है।
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पीलिया से दो मौतों ने बढ़ाई चिंता
गोहर और चैलचौक क्षेत्र में हाल ही में पीलिया से दो लोगों की मौत के बाद अब पठाण गांव में बड़ी संख्या में लोगों के डायरिया की चपेट में आने से चिंता और बढ़ गई है। लगातार सामने आ रहे जलजनित रोगों ने पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते पेयजल स्रोतों की जांच और निगरानी की जाती तो बीमारी को फैलने से रोका जा सकता था।
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प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को किया अलर्ट
एसडीएम गोहर देवी राम ने बताया कि गांव में बीमारी फैलने की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल बीमारी फैलने के पीछे दूषित पानी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बीमारी को गांव के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकना है।
