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October 5, 2026

CM सुक्खू ने स्कूली छात्र से पकड़ा मोबाइल, तो बोला- मम्मी ने आपकी फोटो खींचने के लिए दिया था

आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी

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Sukhvinder Singh Sukhu

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हाल ही में शिमला जिले के रामपुर बुशहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पहुंचे। यहां उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री से पढ़ाई, मोबाइल, खेल, राजनीति और अपने क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों के सवालों का जवाब मजाकिया और सहज अंदाज में दिया।

CM ने मोबाइल चलाते पकड़ा छात्र

विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री की नजर एक छात्र के मोबाइल फोन पर पड़ गई। स्कूल में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध होने के बावजूद छात्र के पास मोबाइल देखकर CM ने उससे पूछा कि वह फोन स्कूल में क्यों लेकर आया है।

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इस पर छात्र ने मासूमियत से जवाब दिया, “मम्मी ने आपकी फोटो खींचने के लिए मोबाइल दिया था।” छात्र का जवाब सुनकर मुख्यमंत्री भी मुस्कुरा दिए। इसके बाद उन्होंने बच्चों को स्कूल में मोबाइल फोन के नियमों का पालन करने की सलाह दी। CM ने कहा कि बच्चों को मोबाइल का कम इस्तेमाल करना चाहिए और पढ़ाई के साथ खेलों में भी हिस्सा लेना चाहिए।

आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी

एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई के अलावा किन चीजों पर ध्यान देना चाहिए। इस पर सुक्खू ने मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को इनडोर और आउटडोर गेम्स में हिस्सा लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन जिंदगी का सबसे अच्छा समय होता है। इस समय बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए।

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छात्रा ने पूछा- शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी कब कम होगी?

एक छात्रा ने स्कूलों में शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक कामों में ड्यूटी लगाए जाने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा, “कहीं ड्यूटी से बचने के लिए टीचर ने तो नहीं पूछवाया है ये सवाल?” इसके बाद उन्होंने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी कम की जाए, ताकि शिक्षक विद्यार्थियों को ज्यादा समय दे सकें।

रामपुर के ट्रैफिक पर छात्रा ने उठाया सवाल

बातचीत के दौरान एक छात्रा ने रामपुर में ट्रैफिक की समस्या का मुद्दा उठाया। छात्रा ने मुख्यमंत्री से इस समस्या का समाधान करने की मांग की। सवाल सुनकर मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, “आपको तो MLA बनाना पड़ेगा।” उन्होंने छात्रा की तारीफ करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि इतनी कम उम्र में वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जागरूक है। मुख्यमंत्री ने रामपुर की ट्रैफिक समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया।

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CM बनने पर कैसा लगा? छात्रा के सवाल पर बोले

एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि जब वह मुख्यमंत्री बने तो उन्हें कैसा लगा। इस पर सुक्खू ने कहा कि उस समय उनकी आंखों में आंसू आ गए थे, लेकिन ये खुशी के आंसू थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी इंसान का बड़ा सपना पूरा होता है तो खुशी के आंसू निकल आते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

CM नहीं बनते तो क्या करते? बोले- खेत में खेती कर रहा होता

एक छात्र ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अगर वह मुख्यमंत्री नहीं होते तो क्या करते, सुक्खू ने जवाब दिया, “अगर मैं मुख्यमंत्री नहीं होता तो मैं खेत में होता, खेती करता।” उन्होंने बताया कि उन्होंने लॉ की पढ़ाई की थी और पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब 15 दिन तक काला कोट भी पहना। हालांकि, उनका मन वकालत में नहीं लगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बचपन से ही राजनीति में आने की इच्छा थी। कॉलेज में सीआर बनने से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई। इसके बाद वह काउंसलर और फिर विधायक बने।

 

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CM बोले- समाज सेवा का अच्छा माध्यम है राजनीति

एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि समाज सेवा के लिए उन्होंने राजनीति को ही क्यों चुना? छात्र ने कहा कि डॉक्टर या इंजीनियर बनकर भी लोगों की सेवा की जा सकती है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति भी देश और समाज की सेवा करने का एक अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को उसी क्षेत्र में काम करना चाहिए, जिसमें उसकी रुचि हो। मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा, “एक बार जो व्यक्ति MLA बन जाता है, फिर वो दूसरे किसी काम का नहीं रहता।

पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पढ़ाई की योग्यता क्यों नहीं?

एक छात्रा ने पंचायत चुनाव से जुड़ा सवाल भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उसने पूछा कि पंचायत में प्रधान, उपप्रधान और दूसरे पदों पर चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्यों तय नहीं है।

 

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मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। इस दौरान उन्होंने हिमाचल विधानसभा के सदस्यों का भी जिक्र किया और कहा कि विधानसभा में उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों के साथ MBBS डॉक्टर और इंजीनियर भी मौजूद हैं।

रचौली स्कूल के भवन के लिए CM ने दिए 2 करोड़ रुपये

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली की एक छात्रा ने स्कूल भवन का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया। छात्रा ने बताया कि स्कूल फिलहाल दो अलग-अलग जगहों पर चल रहा है और एक जगह भवन बनाने के लिए पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध है। छात्रा की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्कूल भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

 

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सिड्डू है CM सुक्खू का पसंदीदा खाना

बातचीत के दौरान एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से उनके पसंदीदा खाने के बारे में पूछा। इस पर सुक्खू ने बताया कि उन्हें हिमाचल के पारंपरिक स्थानीय व्यंजन काफी पसंद हैं। उन्होंने कहा कि सिड्डू उनका पसंदीदा व्यंजन है।

CM ने एंटी चिट्टा रैली को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्कूल से ‘एंटी चिट्टा’ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने हाथों में नशे के खिलाफ संदेश लिखी तख्तियां लेकर नारे लगाए और लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। रैली के समापन पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई। उन्होंने बच्चों से नशामुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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